झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर एक गभर्वती आदिवासी महिला को खून की आवश्यकता होने के वाट्सएप सन्देश मिलने पर एक युवा जब खून देने यहां पहुंचा तो उसे विभिन्न परेशानी के साथ अपना दायित्व निभाया लेकिन जिनके कंधो पर यहां सुविधा का दायित्व है वह किस तरह अपना कर्तव्य निभा रहे है इन दृश्यों में साफ देखा जा सकता है। मामला सोमवार को देखने में आया की एक गर्भवती महिला को रक्त की आवश्यता पडऩे पर एक युवा यहा खून देने के लिये पहुंचा। बिना किसी सुविधा के उक्त रक्तदान दाता को एक टेबल पर लिटा दिया जिस पर सोने पर पांव भी लटक रहे थे। यही नहीं बिना जांच के साथ उसका रक्त लिया गया। रक्तदान के दौरान हाथ में बाल देने के बजाय एक दवाई की बॉटल पकड़ा दी गई। सवाल यह नहीं की दानदाता के खून की जांच तथा बिना किसी सुरक्षा के ब्लड लेना भी किसी खतरे से काम नहीं है। ब्लड के संक्रमित होने का भी खतरा बना रहता है। Post navigation मुस्लिम समाजजन ने धूमधाम से मनाई ईद, ईदगाह में सामूहिक रूप से अदा की गई नमाज अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर भाजपा समर्थित सरपंच व ग्रामीणों का आंदोलन जारी, प्रशासन पर असहयोग का आरोप