थांदला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट। वर्तमान में हर क्षेत्र में गरीबों, बच्चों, महिलाओं, वृद्धजनों के लिए अनेकानेक फायदेमंद योजनाएं बनाई जा रही है। चाहे वह स्वास्थ्य विभाग हो, चाहे खाद्य विभाग हो, चाहे महिला एवं बाल विकास विभाग हो, और चाहे न्याय विभाग हो। समाज के गरीब व असहाय वर्गों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए हर क्षेत्र कल्याणकारी योजना बना कर लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है, बस हमें उन योजनाओं का लाभ लेने की समझ विकसित करना होगी। गरीबों, महिलाओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य विभाग निःशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाता है, खाद्य विभाग ऐसे तबकों को सस्ता अनाज देता है, महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं एवं बच्चों के लिए लाभकारी योजना बनाता है तथा न्याय विभाग गरीब पक्षकारों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करवाता हे। उक्त बात न्यायाधीश श्री हरिओम अतलसिया द्वारा शासकीय अस्पताल, थांदला में विधिक साक्षरता शिविर में एड्स दिवस के उपलक्ष्य में कही। अतलसिया ने बताया कि हमें यातायात नियमों के प्रति सावधान रहना चाहिए, क्योंकि यातायात का संबंध सीधे तौर पर जीवन से होता है, थोड़ी सी असावधानी में व्यक्ति जान गंवा देता है, हमें ओवरलोडिंग गाड़ियों में यात्रा करने से बचना चाहिए।शिविर को बार अध्यक्ष श्री अरूण गादिया द्वारा भी संबांेधित करते हुए बताया कि हमारे घरों में जब भी कोई जन्म ले या किसी की मृत्यु हो तो उसका पंजीयन अवश्य करावें, जिससे हमारी जन्म मृत्यु पंजी अपडेट होती रहे। शिविर को डाॅ. मनीष दुबे द्वारा संबोधित करते हुए बीमारियों से बचने के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखने की बात कही, उन्होंने बताया कि हमारे विभाग में बहुत सी योजनाओं का लाभ रोगियों को दिया जा रहा है, निःशुल्क दवाइयां, निःशुल्क चेकअप आदि की भी व्यवस्था है। शिविर मेे बड़ी संख्या में मरीज, अस्पताल स्टाॅफ मोजूद था।

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