मयंक विश्वकर्मा, आंबुआ

आम्बुआ तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में अचानक मौसम खराब होने बादल छाने तथा बादलों की गड़गड़ाहट के बीच तेज आंधी के कारण एक पुराना किंतु विशाल आम का पेड़ धराशाई हो गया ।गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई जानकारी के अनुसार यहां 13 अप्रैल की रात से अचानक क्षेत्र में मौसम खराब हो गया आसमान पर काले घने बादलों ने डेरा डाला तो आसमान से बादलों की गड़गड़ाहट ने सब को सकते में डाल दिया ।14 अप्रैल की दोपहर चली तेज हवा ने घरों के ऊपर लगे टीन शेड हिला दिए इसी आंधी में मुर्गी बाजार क्षेत्र में स्थित एक पुराना किंतु विशाल आम का पेड़ धराशाई हो गया। गनीमत यह रही कि आम के नीचे कोई नहीं था तथा आम जिस दिशा में गिरा वह खाली जगह थी यदि दाएं बाएं गिरता तो कुछ लोगों के मकान चपेट में आ सकते थे। यह घटना यदि 13 अप्रैल के दिन होती तो ना जाने कितनी बड़ी दुर्घटना हो जाती ।क्योंकि इस दिन मंगलवार का साप्ताहिक हाट बाजार लगता है तथा जहां आम का पेड़ गिरा उसके नीचे तथा आसपास मवेशी तथा मुर्गी बाजार लगता है जहां हजारों की संख्या में पशु पक्षी क्रेता विक्रेता का हुजूम मौजूद रहता है पता चला है कि यह आम मरहूम अब्बास भाई बोहरा द्वारा अपने खेत में वर्षों पूर्व लगाया गया था जहां पर अब आवासीय परिसर हो जाने से मकान बन रहे हैं। कई मकान बन चुके हैं ।मरहूम अब्बास भाई के वारिस मोहम्मद भाई बोहरा ने शासन से हानि हेतु मुआवजे की मांग की है मौसम के मिजाज को देखते हुए मावठे की संभावना व्यक्त की जा रही है।

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