जीवनलाल राठौड़, पेटलावद मोहर्रम पर्व पर मुस्लिम समाज द्वारा ताजिये निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस मौके हिंदू समाज के लोगों के द्वारा भी नगर में मोहर्रम की तैयारियां की जा रही है। क्योंकि पेटलावद में मुस्लिम समुदाय के साथ साथ हिंदू समाज के लोग भी ताजियों का निर्माण करते है। यह प्रथा लगभग 100 वर्षों से चली आ रही है। नगर में जितने ताजिये मुस्लिम समाज के लोग बनाते है उतने ही हिंदू समाज के भी बनाते है।मोहर्रम की तैयारियों के साथ ही मंगलवार रात्रि में मेहंदी का जुलूस निकाला गया जिसमें समाजजनों ने बढ़-चढ़ कर सहभागिता की। शहर में यह नजारा अपने आप में ही शहर की अटूट एकता की मिसाल को प्रकट करने वाला रहा। सद्भावना और सहयोग सिर्फ जूलुस निकलने तक ही सीमित नहीं रहा जिन रास्तों से जुलूस निकला वहां सम्मान में पूजा पंडाल के रास्ते खोल दिए गए और लाउड स्पीकर भी बंद कर दिए गए। मेहंदी के जुलूस में शामिल लोग बिना नारे लगाए आगे बढ़ गए। इस दौरान प्रशासन व पुलिस की व्यवस्था भी माकूल रही। Post navigation जैन सोशल ग्रुप ने तपस्वियों का किया बहुमान सरकारी अस्पताल झाडू निकाले परिजन, स्वीपर ने लगाए इंजेक्शन