झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-
माही परियोजना में ग्राम बावड़ी में बन रही उप नहर में खुदाई के दौरान हो रही ब्लास्टिंग से उड़ रहे भारी भरकम पत्थरों से तरबूज-पपीता और आम के पेड़ को भारी नुकसान हुआ है। ब्लास्टिंग के लिये नहर में लापरवाही पूर्वक बारूद का उपयोग करने से न केवल यहा के मकानों के कंपन हो रही है बल्कि दरारे भी हो गई है। अगर इसी तरह जिम्मेदारों ने आंखे मूंदी रखी तो बड़ा हादसा होने की संभावना से भी इंकार नही किया जा सकता है। क्योंकि करीब 100 मीटर पास से ही करीब 3 गैस व अन्य लाइन भी निकल रही है। अगर इस पाइप लाइन को जरा सा भी नुकसान हुआ तो यहा जनहानि होने से कोई भी नही रोक पाएंगे।
पेटलावद बरवेट मुख्य मार्ग पर ग्राम बावड़ी के निकट चल रहे इस कार्य मे माही परियोजना के जिम्मेदारों की लापरवाही साफ नजर आ रही है। ग्रामीणों द्वारा लगातार प्रशासन को सचेत करने के परिणाम भी नजर नही आ रहे है।
फसलों-पेड़ों को नुकसान
गुरुवार की शाम को इस इलाके में ब्लास्टिंग के धमाके से ग्रामीण फिर सहम गये। ठेकेदार की लापरवाही और पत्थर तोडऩे के लिये करीब 6-7 किलो वजनी बारूद के टोटे का इस्तेमाल किया गया जो करीब 12 फिट से ज्यादा की गहराई में लगाये गये थे। जैसे ही धमाका हुआ नहर से बड़े बड़े पत्थर उडक़र पास के खेतों में गिरे। इससे तरबूज एपपीता की पौधे और खेत मे बिछाई गई ड्रिप को नुकसान हुआ।
एक त्रासदी झेल चुका है अंचल
बारूद के इस खेल में लापरवाही का खामियाजा पेटलावद ब्लास्ट कांड के दौरान 87 जान गंवा कर और अपाहिज का दंश झेलकर ग्रामीण भुगत चुके है। अब अगर गैस पाइप लाइन के निकट हो रहे धमाके से किसी बड़े हादसे से इंकार नही किया जा सकता है। ग्राम बावड़ी के ग्रामीण इसी बात से चिंतित है कि उनकी जान को खतरों में डाल कर जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए है।
एफआईआर के नाम से डराते है
ग्राम बाबड़ी के किसान भेरूलाल पटेल ने बताया कि गैस पाइप के निकट हमारे खेतो में कुएं के ब्लास्टिंग की अनुमति नही दी जाती है, जबकि इस कार्य के लिये भारी भरकम बारूद और ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां हुए ब्लास्टिंग से उड़े पत्थरो के कारण मेरी तरबूज की फसल को नुकसान हो गया है। परियोजना के अधिकारी और ठेकेदार से बात करते है तो वो एफआईआर की धमकी देते है। किसान जीतेन्द्र पाटीदार ने बताया कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग से आसपास के मकानों में भी दरारे हो गई है। अधिकारी कलेक्टर साहब के नाम पर धमकी दे रहे है। मेने कलेक्टर साहब को भी इसकी शिकायत की है। किसानों की सुनवाई कही नही हो रही है।
ब्लास्टिंग तो होगी-
मामले में जिम्मेदार अधिकारी माही परियोजना के एसडीओ जेसी सोनी ने बताया कि खुदाई के लिये ब्लास्टिंग तो होना ही है। उड़े पत्थरो से खेतो में नुकसानी की बात पर सोनी बोले किसान तो कुछ भी कहते रहते है।

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