अलीराजपुर लाइव के लिए आम्बुआ से बृजेश खंडेलवाल की रिपोर्ट- बुरा व्यसन बुरे मार्ग पर ले जाता है जिसके जैसे संस्कार वह वैसा ही बन जाता है, हर व्यक्ति को मांस-मदिरा जैसी चीजों का त्याग कर देना चाहिए, जिन लोगों ने मांस-मदिरा त्याग कर दिया उसका घर पवित्र हो जाता है। समस्या स्वत: समाप्त हो जाती है। उक्त प्रवचन बापू नरसिंह सेवानंद धाम काचला (लिमखेड़ा) के संस्थापक स्वामी सेवानंद गिरिजी महाराज ने आम्बुआ के चोगडिय़ा फलिया में इकराम के यहां पर सत्संग-भजन समारोह में कही। भगत भारतसिंह, लालाभाई ने बताया कि हमारे आदिवासी समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिये स्वामीजी ने एक मुहिम छेड़ी। इसी कड़ी में चौगडिय़ा फलिया मे स्वामी जी के सानिध्य में पूजा-पाठ, सत्संग किया गया उससे पूर्व विशाल भंडारा का आयोजन किया गया जिसमे आम्बुआ क्षेत्र के अलावा इंदरसिंह की चौकी, रामसिंह की चौकी, बोरझाड, इटारा, कालुवाट, बिलझर, मालपुर, जुवारी, आम्बी के भक्तजनों ने प्रसादी एवं सत्संग का रसपान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में चीमन भाई वरिया, लाला भाई, भारतसिंह रावत, जगतसिंह रावत, इकरामसिंह का सराहनीय सहयोग रहा है। Post navigation सेल्समैन की हुई हार्टअटैक से मौत पुलिस थाने में मनाया एएसआई का जन्मदिन