जितेंद्र वर्मा, जोबट पोषण पखवाड़ा भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से कुपोषण को खत्म करना है, यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के ‘पोषण अभियान’ के तहत आयोजित किया जाता है। पोषण पखवाड़ा के मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए: 0-6 साल के बच्चों में बौनेपन और कुपोषण को रोकना,युवाओं के लिए: 6-59 महीने के बच्चों और 15-49 वर्ष की महिलाओं व किशोरियों में एनीमिया (खून की कमी) को कम करना,माताओं के लिए: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को उचित पोषण और स्तनपान प्रथाओं के बारे में जागरूक करना,अन्य लक्ष्य: जन्म के समय बच्चों के कम वजन के मामलों को कम करना और बच्चों में मोटापे को रोकने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। जीवन के पहले 1000 दिन: बच्चे के जीवन के शुरुआती महत्वपूर्ण चरणों पर विशेष ध्यान दिया जाता है,आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण सेवाओं की निगरानी करता है और लाभार्थियों को खुद पंजीकरण करने की सुविधा देता है गंभीर कुपोषण का समुदाय स्तर पर पता लगाने और उसके प्रबंधन के लिए,स्वस्थ जीवनशैली: बच्चों में मोटापे को कम करने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए स्वस्थ भोजन विकल्पों को प्रोत्साहित करना है इस आयोजन में जिसमें महिला बाल विकास विभाग के प्रभारी सीडीपीओ मीना रावत व सेक्टर पर्यवेक्षक कार्यकर्ता शामिल हैं विकाश खंड प्रबधक विजय सोनी सुपरवाइजर कार्यकर्ता व पार्षद श्रीमती उमा सुरेश चंद्र वार्ड क्रमांक 6 पार्षद प्रतिनिधि वार्ड क्रमांक पांच रौनक महाजन वार्ड क्रमांक 6 पार्षद प्रतिनिधि गजेंद्र राठौर उपस्थित रहे ग्रामीण श्रेत्र की महिलाएं भी शामिल हुए जिसने तिरंगा थाली भोजन व विभिन्न प्रकार के व्यंजन व पौष्टिक आहार शामिल था। Post navigation जयस ब्लाॅक अध्यक्ष के पद पर रमेश डावर और उपाध्यक्ष के पद पर भारतसिंह चौहान निर्विरोध निर्वाचित स्वदेशी सिर्फ एक नारा नहीं, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की है नींव : सांसद अनीता चौहान