जितेंद्र वर्मा, जोबट भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में आदिवासी समाज के पारंपरिक अभिवादन ‘जय जोहार’ के कथित अपमान का मामला सामने आने के बाद अब जोबट में भी कार्रवाई की मांग उठी है। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) जोबट की ओर से 16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री के नाम आवेदन सौंपकर मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने और संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261016-WA0009.mp4 आवेदन में मिसरोद थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार पर आदिवासी समाज के पारंपरिक अभिवादन ‘जय जोहार’ का सार्वजनिक रूप से अपमान करने, जातिसूचक गाली-गलौज करने तथा पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के अनुसार, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी है। सार्वजनिक रूप से अपमान करने का लगाया आरोप जयस जोबट की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जब आदिवासी छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब ‘जय जोहार’ के नारे को लेकर कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया गया। आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस घटना से आदिवासी समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। आवेदन में संबंधित अधिकारी के व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषी पाए जाने पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। SC/ST एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की मांग आवेदन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं का उल्लेख किया गया है। जयस जोबट ने जोबट थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को संबंधित पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने की मांग की है। इसके साथ ही आवेदन की प्रतिलिपि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजकर मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग भी की गई है। सेवा से बर्खास्तगी की भी मांग जयस जोबट की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित आवेदन में मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सेवा से बर्खास्तगी की मांग की गई है। आवेदन में कहा गया है कि सार्वजनिक पद पर बैठे अधिकारियों से समाज के सभी वर्गों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। फिलहाल, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। Post navigation जोबट में सूखे और बिजली कटौती से किसान परेशान! मुख्यमंत्री के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी