रमेश कनेश, बखतगढ़

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर 15 अक्टूबर 2026 को बखतगढ़ के न्यू एरा पब्लिक हाई स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम और अनुभवात्मक शिक्षण  गतिविधि का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता, व्यावहारिक ज्ञान और सामाजिक जागरूकता विकसित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर बखतगढ़ थाना प्रभारी संतोष सिसोदिया और छकतला पुलिस चौकी प्रभारी राहुल चौहान विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संतोष सिसोदिया ने डॉ. कलाम के जीवन, संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और कठिन परिस्थितियों में हार न मानने के लिए प्रेरित किया। वहीं, राहुल चौहान ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को ‘गुड टच एवं बैड टच’, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी भी असहज स्थिति में अभिभावकों या शिक्षकों को तुरंत सूचित करने का महत्व समझाया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कक्षा 6वीं और 7वीं के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित अनुभवात्मक शिक्षण गतिविधि रही। बच्चों ने स्वयं लस्सी और भेल तैयार कर उसकी बिक्री की। इस प्रायोगिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने लागत, निवेश, बिक्री, लाभ-हानि और पैसों के उचित प्रबंधन की बुनियादी प्रक्रियाओं को व्यावहारिक रूप से समझा। इस दौरान अभिभावकों ने भी उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डॉ. कलाम का यह प्रेरणादायी संदेश दिया गया कि “सपने वे नहीं जो सोते समय आते हैं, सपने वे हैं जो आपको सोने नहीं देते”। उन्हें बताया गया कि सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, अच्छे संस्कार और आत्मविश्वास से प्राप्त होती है।

यह पूरा कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष शंकरिया कनेश, सचिव बलवान सिंह बारिया तथा संस्था प्रभारी राजेश कनेश के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय के प्राचार्य आकाश इंगले, विमल बारिया, मनीषा मेहता एवं हेमलता ठकराव सहित समस्त शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ ने कार्यक्रम की तैयारी और सफल संचालन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अंत में विद्यालय परिवार ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस पहल के माध्यम से विद्यालय ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने, आर्थिक रूप से जागरूक बनने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए तैयार करना है।

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