जितेन्द्र वाणी, नानपुर अलीराजपुर जिले में महिला बाल विकास विभाग की तानाशाही रवैये के चलते आठ माह से आंगनवाड़ी केन्दों पर भोजन व पौष्टिक आहार की जगह केवल सत्तू के भरोसे चल रहे जिले भर में केन्द्र क्या जिला प्रसाशन इस और ध्यान देगा जो बच्चो के जीवन से खिलवाड़ कर आंगनवाड़ी केन्दों पर वितरण भोजन व समूहों को अभी तक चालू नही कर रहे है जिसके चलते जिलेभर के समूह कार्यकर्ताओं में भी प्रसाशन के इस हठीले रवैया के चलते आक्रोश बनते जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में आंगनवाड़ी केंद चालू है। वही आदिवासी बहुल्य जिले में अभी तक केंद बन्द पड़े हुये हे बच्चे कुपोषित बच्चे पोषण आहार का इंतजार करते हुए प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे है। अब कलेक्टर सुरभि गुप्ता इन बच्चो के बन्द पड़े केंद्रों को चालू करवाने के आदेश देंगे या कच्चे आटे- सत्तू के भरोसे चलेगा जब कि स्कुलो मे बच्चो को घर घर भोजन देने की प्रकिर्या चालू है व गरीब व निर्धन बच्चो का भोजन बन्द कर रखा है। कविता बघेल सुपरवाईजर नानपुर सेक्टर कोरोनो महामारी के चलते जिले के सभी सयम सहायता समूह में भोजन की जगह हम अभी तक सत्तू ( आटा ) बच्चो को दे रहे है जब आदेश आ जायेगा हम समूह को चालू कर बच्चो को भोजन देने या केंद्र चालू कर देंगे Post navigation प्रदेश में उपचुनाव में भाजपा की भारी बहुमत से विजय होने भाजाइयों में दिखा उत्साह राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग ने बीमार अज्ञात महिला को 108 की मदद से पहुंचाया अस्पताल