थांदला। दिनांक 13 सितंबर 2024 को शासकीय महाविद्यालय मेघनगर में रेड रिबन क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में मौसमी बीमारियों से रोकथाम तथा सिकल सेल्स एनीमिया संबंधी जानकारी प्रदान की गई। चिकित्सा विभाग की ओर से दीपिका मंडोरिया द्वारा सबसे पहले उपस्थित छात्र-छात्राओं को एनीमिया के लक्षण और एनीमिया से बचने के उपायों के संबंध में जानकारी दी गई।

मंडोरिया ने कहा कि सुबह 8 से 10 के बीच खाली पेट नहीं रहना चाहिए और सभी प्रकार के मौसमी फल खाना चाहिए यदि थकान कमजोरी सर दर्द या चक्कर जैसे लक्षण हो तो यह एनीमिया हो सकता है इसके लिए आशा सहयोगिनी से डॉक्टर की सलाह पर आयरन की गोलियां लेनी चाहिए 10 से 19 वर्ष की किशोरियों के लिए नीली गोली व 5 से 9 वर्ष के लिए गुलाबी गोली होती है 6 माह से 5 वर्ष तक के  बच्चों के लिए हर मंगलवार एक सिरप दिया जाता है। इसी प्रकार सिकल सेल के संबंध में उन्होंने बताया कि यह दो प्रकार का हो सकता है एक वॉक होता है और एक रोगी होता है रोजी में आरबीसी का आकार हासिये के समान हो जाता है इसकी अभी तक कोई दवाई नहीं है किंतु फिर भी फोलिक एसिड नाम की दवा दी जाती है मंडोरिया मैडम द्वारा सभी छात्र-छात्राओं को यह सुझाव दिया गया की विवाह पूर्व सिकल सेल्स की कुंडली अवश्य मिलाई जानी चाहिए। डेंगू मलेरिया से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग किया जाना चाहिए तथा कहीं भी पानी इकट्ठा नहीं होने दिया जाना चाहिए यदि कहीं पानी इकट्ठा हो जाता है तो उसमें लार्वा लिक्विड डाला जाए जिससे कि डेंगू का मच्छर नहीं पनपता है।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉक्टर शंकर भूरिया द्वारा दिया गया कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अखिलेश सोनी द्वारा किया गया, सिकल सेल संबंधी प्रश्न और जिज्ञासा का निराकरण रेड रिबन प्रभारी प्रो. विदित कानूनगो द्वारा किया गया । इस अवसर पर समस्त स्टाफ उपस्थित था।

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