भूपेन्द्रसिंह नायक, पिटोल

आजादी के बाद अभी तक पिटोल गांव से 7 किलोमीटर दूर बहुत नदी पर पिटोल के लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता था परंतु वहां पर बरसात में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हाईवे से अर्थी को 500 मीटर की दूरी का जो रोड नदी तक का है उधर ही खराब स्थिति में होने की वजह से और बरसात में शव को जलाने के लिए टायर केरोसिन डीजल आदि की व्यवस्था कर भारी बारिश में जलाने की जद्दोजहद करना पड़ती थी। इसी कारण को लेकर पिटोल के सभी समाज धर्म वर्ग के युवाओं ने प्रण किया कि मुक्तिधाम पिटोल के छोटे तालाब के पास ही बनाया जाए युवाओं के प्रण को साकार कर दिखाया लोक डाउन के समय में समय रहते सभी धर्म वर्ग के लोगों ने आर्थिक सहयोग से या मुक्तिधाम बना डाला जहां पूर्व में कटीली झाड़ियां थी 6000 से ज्यादा आबादी वाले गाव | लेकिन गाव के ही युवाओ ने वरिष्ठों के मार्गदर्शन में मुक्तिधाम हेतु आवंटित करीब एक एकड़ कटीली झाड़ियो भरी भूमि जहा सिर्फ टिन शेड ही था पर मुक्तिधाम निर्माण व सोंदर्यीकरण का जिम्मा उठाया | घर घर जाकर सहयोग राशि इक्कठा कर कुछ ही महीनो में जनसहयोग से इस प्रकार से मुक्तिधाम का निर्माण किया की आस पास के क्षेत्र में नवनिर्मित मुक्तिधाम को लेकर चर्चाये होने लगी जिसको भी इस बारे में पता चलता वो मुक्तिधाम को देखने जरुर जाता जब भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक को पता चला तो वे भी पहुचे और पौधा रोपण भी किया। साथ ही युवा की इस पहल की तारीफ करते हुए निर्मित मुक्तिधाम के सोंदर्य को सराहा | इस अवसर पर जगदीश चन्द्र बड़दवाल , महेंद्रसिंह ठाकुर , विनोद पंचाल , दिनेश मेवाड़ , जामसिंह भाबोर, भीमजीभाई , किसन नागर , दिनेश नागर , घूलू गणावा, जोगड़ा बबेरिया कालाकूट सरपंच, मसूर बिलवाल सरपंच मांडली बड़ी,मकन सिंह गुन्डिया , जुवासिंह गुडिया सरपंच ढेकल छोटी, कसना बाबेरीया पूर्व सरपंच बावड़ी, बलवंत मेड़ा, नरसिंह भाबर , सुमेर बबेरिया, मिलन पंचाल , विक्रम नायक, अतुल चौहान, प्रतिक शाह , धर्मेंद्र नायक, विनोद गाबा, मकन सिंह गुर्जर, श्याम जी भाई, कालू भाई मोद , तोलिया भाई भाबोर खेड़ी , मल्ला भाई आदि उपस्थित थे |

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