गोपाल राठौड़, कट्ठीवाड़ा कट्ठीवाड़ा के जंगलो से किमती सागवान कि लकड़ी तस्करी कर गुजरात कि ओर ले जाने मे असफल हुए तस्कर 17 अगस्त कि रात वन विभाग को मुखबिर कि सुचना पर सर्चिग अभियान चलाया गया जिसमे कठिवाडा के जंगलो से सोमस्पूरा बेज होते हूए गुजरात कि ओर एक टाटा 407 गाड़ी नम्बर GJ06 W 7390 मे सागवान के 16 लठ्ठे भर कर समस्पुरा बेज मार्ग से गुजरात कि ओर जा रही थी लेकिन वन विभाग कि मूस्तेदी के चलते तस्कर कामयाब नही हो सके ओर वन विभाग को बड़ी सफलता मिली कट्ठीवाड़ा रेंजर योगेन्द्र सिग बिलवाल ने बताया कि हमारे पास सुचना थी की लगभग आंधी रात को सयडा गाव से होकर एक गाड़ी मे सागवान कि लकड़ी भरकर निकलने वाली हे जिस पर हमने स्टाफ के साथ मिलकर घेरा बन्दी की गयी 5:45 पर एक वाहन सयडा की ओर से आता दिखाई दिया जिसे रोकने कि कोशिश कि गयी । लेकिन वो गाड़ी लेकर भागने लगा हमने भी गाड़ी का पिछा किया बेज गाव मे गाड़ी रोकी ओर ड्राइवर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया ओर हमने वाहन कि तलाशी कि गयी जिसमे 16 सागवान के लठ्ठे गाड़ी मे पाए गये जिसका नाप तौल किया गया लकड़ी की कीमत 76270 रुपये बताई गयी। योगेन्द्र बिलवाल के अनुसार सागवान के चार पेड़ कोठार मवडा बिट से काटना बतया गया । मोके से ठू्ठ भी मिले जिससे अनुमान लगया गया हे यह वही चार पेड़ हे जो काट कर गाड़ी मे भरकर लर जा रहे थे। गाड़ी जब्त कर करवाई कि गयी हे ओर कठिवाडा डिपो मे रखी गयी हे। इनका रहा योगदान रेंजर योगेन्द्र सिग बिलवाल पागूसिग मोहनिया भावसिग ड्राइवर आदी। इस मामले से जुड़े सभी तश्करो की छानबीन कि जा रही है। Post navigation हिंदू युवा जनजाति संगठन ने प्रशासनिक स्थानांतरण पर जताया आभार दशा माता की आराधना करने के बाद जुलूस निकालकर किया विसर्जन