जितेंद्र वर्मा, जोबट जोबट क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेटवासा में प्रस्तावित जनपद पंचायत भवन के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामसभा और ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया है। ग्रामसभा ने तहसीलदार जोबट के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपकर मांग की है कि खसरा नंबर 467 पर शासकीय भूमि पर हो रहे निर्माण और भूमि अर्जन की प्रक्रिया को तुरंत निरस्त किया जाए। बेटवासा के सरपंच प्रतिनिधि मोतेसिंह भूरिया ने बताया कि तहसीलदार कार्यालय जोबट में दिए गए आवेदन में बताया कि जिस भूमि (खसरा नंबर 467) पर जनपद पंचायत भवन बनाने की तैयारी है, वह भूमि ग्रामवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह भूमि ग्राम सभा का अभिन्न अंग है और लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में लाई जा रही है। सार्वजनिक आयोजनों और पशुओं के लिए महत्वपूर्ण है। ज्ञापन के अनुसार, यह भूमि गाँव के लोगों द्वारा सार्वजनिक पूजा, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उपयोग की जाती है। इसके अलावा, यह स्थान मवेशियों के चरने (खुले चरागाह) के काम आता है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण होने से सार्वजनिक उपयोग की यह महत्वपूर्ण धरोहर समाप्त हो जाएगी, जिससे ग्रामवासियों के पारंपरिक गतिविधियां बाधित होंगी। हायर सेकेंडरी स्कूल भी है नजदीक विरोध का एक और मुख्य कारण यह है कि प्रस्तावित निर्माण स्थल के करीब ही एक हायर सेकेंडरी स्कूल (मॉडल स्कूल) स्थित है। ग्राम सभा का मत है कि स्कूल की गतिविधियों पर भी इस निर्माण से असर पड़ेगा, क्योंकि पहले से ही इस भूमि पर सार्वजनिक चबूतरा (चौपाल) का अभाव है। ग्राम सभा ने लिया है निर्णय पत्र में बताया गया है कि पूर्व में, पेसा एक्ट 1996 के प्रावधानों, एम.पी. भू-राजस्व संहिता और क्षेत्रीय नियमों के आलोक में, ग्राम सभा के परामर्श और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि ग्राम पंचायत बेटवासा की शासकीय भूमि का अर्जन किसी भी तरह से नहीं किया जाएगा। बेटवासा के ग्रामीणों का कहना है कि यदि ग्रामवासियों की भावनाओं की अनदेखी की जाती है और निर्माण प्रक्रिया निरस्त नहीं की जाती है, तो आदिवासी समाज आलीराजपुर द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और आंदोलन किया जाएगा। Post navigation न्याय विभाग व राजस्व विभाग के परिसर के बाहर बने हुए फुटपाथ पर बढ़ रहा रसूखदारों का अतिक्रमण रेलवे की ट्रैक मशीन का पहिया पटरी से उतरा, घंटों बाधित रहा ट्रैक