चंद्रभान सिंह भदौरिया ( लेखक टीवी पत्रकार है ओर यह लेख उनकी फैसबुक वाल से लिया गया है ) अरविंद मेनन के प्रदेश महामंत्री से हटने के बाद नये संगठन मंत्री सुहास अब घोघाडुंगरी उपचुनाव होने के बाद प्रदेश बीजेपी मे एक बडा बदलाव करना चाहते है अगर सब कुछ सही रहा तो संभवतः अगले कुछ दिनो मे सबसे पहले 5 से अधिक संभागीय संगठन मंत्रियों की विदाई होगी जिनमे इंदौर संभागीय संगठन मंत्री ” शैलेंद्र बरुआ” भी शामिल है उसके बाद कम से कम 5 बीजेपी जिलाध्यक्षों को भी बदले जाने की रणनीति पर टीम सुहास काम कर रही है यह वे जिलाध्यक्ष है जो कभी संगठन मंत्री हुआ करते थे मगर अरविंद मेनन की कृपा से जिलाध्यक्ष बन गये थे जिसको लेकर उन जिलों मे बेहद नाराजगी थी । विगत कुछ महीने पहले जिन 13 जिलों मे जिलाध्यक्ष बदले गये थे उनमे 5 जिलाध्यक्षों का जाना चुंकि तय है इसलिए उन जिलों की जिला कार्यकारिणी घोषित नही होगी लेकिन शेष जिलों की जिला कार्य कारिणी संभागीय संगठन मंत्रियों की विदाई के बाद घोषित होगी ओर इस प्रक्रिया मे करीब 1 महीना ओर लग सकता है । सुहास की रणनीति से विधायकों की पेशानी पर पढे बल बीजेपी के नये प्रदेश संगठन मंत्री सुहास की दो रणनीति पार्टी मे कुछ लोगो को परेशान कर सकती है सुहास ने लगभग यह स्पष्ट कर दिया है कि जिलों मे बीजेपी संगठन विधायकों के हिसाब से नही बल्कि विधायकों को संगठन के हिसाब से चलना पढेगा ओर दूसरा यह कि संगठन के मामलों का केंद्रीकरण नही होगा यानी संगठन कें जिले एंव संभाग स्तरीय फैसले भोपाल मे तय नही होगे खुद भोपाल स्तरीय संगठन कें जिम्मेदार संभाग ओर जिलों की संगठन इकाईयो से संवाद मे रहेंगे ओर त्वरित फैसले स्थानीय स्तर पर होंगे । इससे उन विधायकों को दिक्कत हो सकती है जो संगठन को जेब मे रखकर चलाने कें आदी है । दूसरा अरविन्द मेनन की कार्यशैली से सुहास बेहद खफा बताये जाते है लिहाजा उन लोगो को बीजेपी की मुख्य धारा में आने कें लिऐ अरविंद मेनन कार टैग खुद पर से हटाना होगा जो मुख्य धारा मेनन आना चाहते है । Post navigation कार में सवारियों पर देशी कट्टा अड़ाकर लूट करने वाले 3 आरोपी हुए गिरफ्तार वन विभाग की जमीन कब्जा करने का प्रयास विफल