आलीराजपुर। बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए अक्षय तृतीया पर जिले के विभिन्न मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि स्थानों पर धर्म गुरुओं ने लोगो को जागरूक करते हुए उपस्थितजनों को शपथ दिलवाई। बुधवार को जीवन ज्योति हेल्थ सर्विस सोसायटी एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन आलीराजपुर द्वारा अभियान चलाया गया। परियोजना संचालक फादर पीए थॉमस ने बताया कि बाल विवाह एक कुप्रथा है, उसे सभी को मिलकर रोकना होगा। कार्यक्रम के तहत धर्मगुरु के सहयोग से ग्रामीण इलाको में बालविवाह रोकथाम के लिए लोगो को जागरूक किया गया। संस्था की जिला समन्यक ज्योति चौहान द्वारा लोगो को बाल विवाह के दुष्परिणाम के बारे में जानकारी दी गई। चौहान ने बताया कि बाल विवाह होने से बालक/बालिकाओं का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। फील्ड स्टाफ भावेश सोलंकी ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है, इसे समाज के सहयोग से ही दूर किया जा सकता है। बाल विवाह का दंश शिक्षा को भी प्रभावित करता है। हनुमान मंदिर पर आयोजन सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर के पुजारी मनोज शर्मा और महेश भयड़िया ने कहा कि बाल विवाह एक अभीशाप है। इससे आर्थिक, मानसिक और शारीरिक नुकसान होता है। सभी को मिलकर रो बाल विवाह रोकने का प्रयास करना चाहिए। ग्रामीण तपके से लेकर सरकारी अधिकारी कर्मचारी का भी सहयोग अति आवश्यक है। मंदिर में उपस्थित करीब 30/35 श्रद्धालुओं को बाल विवाह नहीं करने और रोकने की शपथ दिलवाई गई। इसके पश्चात संस्था सदस्यों द्वारा राजवाड़ा परिसर में उपस्थित ग्रामीणजनों को बालविवाह के आर्थिक, मानसिक और शारीरिक नुकसान बताए गए,। साथ ही सभी को बाल विवाह न करने की सपथ दिलाई गई। आभार संस्था के शिवराज चौहान ने माना। आगे आए धर्म गुरु, दिलवाई शपथ जीवन ज्योति हेल्थ सर्विस सोसायटी द्वारा अक्षय तृतीया पर पूरे अंचल में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। कोई भी विवाह बिना किसी पंडित, मोलवी, पादरी के बिना संपन्न नही हो सकता, इसलिए संगठन ने धर्म गुरुओं को अभियान से जोड़ने का फैसला लिया। शहर की जामा मस्जिद पर काज़ी सैयद हनीफ ने बाल विवाह को बुराई बताते हुए 25 लोगो को इसके रोकथाम की शपथ दिलवाई। Post navigation आलीराजपुर पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई, शराब से भरा वाहन जब्त किया शिविर के माध्यम से सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग प्रदान वितरित किए गए