अलीराजपुर लाइव के लिए जोबट से सुनील खेड़े की रिपोर्ट- जोबट की शाहिन ने शनिवार रात पहला विधायक बॉक्सिंग कप जीतकर जोबट का नाम रोशन किया है। प्रदेश में पहली बार आयोजित विधायक बॉक्सिंग प्रतियोगिता खेल सीनियर बालिका बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर नगर को गौरवान्वित किया है। होनहार शाहिन के पिता ड्राइवर हैं तथा अपनी बेटी को ओलंपिक तक भेजना चाहते हैं। प्रदेश में पहली बार विधायक बॉक्सिंग कप का पहला मुकाबला अलीराजपुर जिले से शुरू हुआ तथा शनिवार को जिला मुख्यालय के जिला पंचायत कार्यालय प्रांगण में आयोजित सीनियर बालिका वर्ग (45-46 किला वर्ग) में जोबट की शाहिन मकरानी ने ताबड़तोड़ पंच चलाकर पहला गोल्ड मेडल व कप अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में शाहिन ने तनीषा मौर्य को हराकर यह मुकाबल जीता। शाहिन जोबट के एक मुस्लिम परिवार की बेटी है तथा पिता जाकिर मकरानी ड्राइवर है। उल्लेखनीय है कि शाहिन संभाग व प्रदेश स्तर पर भी बॉक्सिंग में कमाल दिखाकर कई मैडल जीत चुकी है। खास बात यह है कि बगैर उचित प्रशिक्षण व संसाधानों के अपने स्वयं के लगातार प्रयासों से उसने यह उपलब्धि हासिल की। शाहिन का कहना है कि जब वह लडक़ों को रिंग के अंदर पंच चलाते हुए देखती थी तो उसने भी इस क्षेत्र को अपना लक्ष्य निर्धारित किया तथा लगातार प्रयासों से वे अपना मुकाम हासिल करना चाहती है। शाहिन की दिली इच्छा है कि उसे ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिले। बॉक्सिंग के क्षेत्र में ही कॅरियर बनाना है प्रतियोगिता अलीराजपुर विधायक नागरसिंह चौहान, किशोर शाह की उपस्थिति में शुभारंभ हुआ था तथा सामपन के अवसर पर संतोष थेपडिया, कोच अजय रिछारिया, देवास के कोच रवि गिर्जापुरकर, भोपाल से आए कोच दीपक गौड़ ने उसका सम्मान किया। शाहिन मकरानी ने बताया कि मेरा पहला लक्ष्य बॉक्सिंग खेल है तथा इसे में समर्पण भावना व मेहनत कर इस मुकाम तक पहुंची। नित्य घर पर बॉक्सिंग का अभ्यास करती हूं तथा समय के अनुसार जोबट ओर अलीराजपुर के कोच के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही। शाहिन ने बताया कि बॉक्सिंग के क्षेत्र में ही अपना कॅरियर बनाने का लक्ष्य ठान रखा है। पीछले माह भोपाल में बॉक्सिंग एकेडमी में सलेक्शन के लिए ट्रायल देकर आई है तथा उसका रिजल्ट अभी नही आया। अभी तक कई बॉक्सिंग प्रतियोगिता ओर प्रदेश स्तर के प्रतियोगिता में भाग लेकर विजय प्राप्त कर चुकी है। खेल के प्रति जुनून- शाहिन ने चर्चा में बताया कि उसे सिर्फ बॉक्सिंग में ही अपना कैरियर बनाना है। इसलिए वह अपने स्तर पर दिन-रात मेहनत करती है। पिछले कोई साल से अंतराष्ट्रीय चैंपियन बॉक्सर कोच महेश भामदरे के मार्गदर्शन में अभ्यास किया, लेकिन भामदरे पुलिस विभाग झाबुआ में पदस्थ होने से यहां के इन प्रतिभाओं को समय नही दे पा रहे। शाहिन बॉक्सिंग से संबंधित हर जानकारी ओर नियम को बारीकी परिचित है। इस सफलता पर मजेदा सहन, सबा शेख, शाहीना दितावत, साधना डावर, आशा सस्तीया, सिद्धि मालवी, दीपिका भयडिया, रंजना चौहान, मरिया बोहरा, फिरदौस दितावत व दादा सब्बीर मकरानी, माता सायरा मकरानी ने इस उपलब्धि पर बधाई दी। Post navigation बुजुर्ग की लाश मिलने से फैली सनसनी छात्राओं ने फिर मारी बाजी, वंदना मेहता-दर्शिता रही अव्वल