झाबुआ लाइव के लिए थादंला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट- नगर परिषद द्वारा आयोजित की गई साधारण सभा में प्रस्तावि सारे प्रस्ताव बहुमत के अभाव में पारित न हो सके। उक्त बैठक में नगर परिषद द्वारा 13 प्रस्ताव रखे गए थे जिन्हें आधी परिषद ने अस्वीकृति दिखाई। 13 प्रस्तावों मे अधिकतर प्रस्ताव परिषद अधीन जमीनों को लीज आंवटन करने संबंधित थे, जिन पर परिषद की मुहर न लग पाई। नगर में जनचर्चा इस बात कि है कि इतनी सारी जमीने एक साथ लीज पर देने के पीछे नगर परिषद का क्या मकसद हो सकता है। गौरतलब है कि नगर परिषद की यह दूसरी बैठक है जिसमे रखे गए प्रस्ताव अस्वीकृत होकर खारिज हो गए। नगर परिषद अध्यक्ष के आदेश पर परिषद का साधारण सम्मेलन सभा कक्ष में आयोजित उक्त बैठक में हनुमान अष्ट मंदिर के सामने निकाय स्वामित्व की दुकानों के ऊपर की छत की उच्चतम दर स्वीकृति पुराने पोस्ट ऑफिस की रिक्त भूमि की लीज आवंटन की उच्चतम दर स्वीकृति सहीत 12 प्रस्ताव पर परिषद के 8 सदस्यों ने स्वीकृति दी तो 8 सदस्यों ने अस्वीकृति दी जबकि हनुमान अष्ट मंदिर के सामने निकाय स्वामित्व की खुली भूमि की लीज आवंटन पूरी परिषद ने असहमति दिखाई। भाजपा द्वारा उक्त बिंदु हेतु व्हीप जारी भी किया गया था। चूंकि नगर परिषद अधिनियम के अनुसार प्रस्ताव पारित होने के लिए 11 सदस्यों की सहमति की आवश्यकता थी जबकि 8 सदस्यों की ही सहमति प्राप्त हुई, जिसके चलते सारे प्रस्ताव अस्वीकृत हो गए। इसलिए हुई अस्वीकृति- भाजपा के पार्षदों ने बताया कि करोड़ों की भूमि औने-पौने दामों में दी जाकर स्वीकृति हेतु रखी गई थी जिस कारण इन्हें अस्वीकृत किया गया, जहां पुरानी पोस्ट ऑफिस की जगह को 6-7 दुकानदारों को दी जा सकती है उसे किसी एक व्यक्ति को दिया जाना अनुचित है। अस्वीकृति देने वाले कांग्रेसी पार्षदों के अनुसार परिषद में रखे गए प्रस्ताव जनविरोधी थे जिस कारण उन पर स्वकृति दी गई। Post navigation हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक नवगज रेहमतुल्लाह अलैह का उर्स शुरू भाजपा जिलाध्यक्ष दौलत भावसार ने मंडल अध्यक्ष से की अभद्रता