इरशाद खान, बरझर

बरझर क्षेत्र के मालि फलिए में पिछले एक माह से अधिक समय से तेंदुए की मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। यहाँ एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ नाले के पास स्थित झाड़ियों में डेरा डाले हुए है। शाम ढलते ही यह कुनबा रिहायशी इलाकों और खेतों की ओर रुख कर लेता है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय निवासी कनिया गमार और नारायण गमार ने बताया कि तेंदुए का खौफ इतना अधिक है कि वे शाम 5 बजे के बाद अपने घरों के दरवाजे बंद कर लेते हैं। रात के सन्नाटे में तेंदुए की दहाड़ घर के बिल्कुल करीब सुनाई देती है। कनिया ने बताया कि तेंदुआ उनके पालतू मुर्गा-मुर्गियों को अपना शिकार बना चुका है। डर के कारण अब किसान रात में खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। मजबूरी में सिंचाई के लिए दो-तीन लोग साथ जाते हैं, लेकिन तेंदुआ दिखते ही काम छोड़कर घर भागना पड़ता है।

सड़क पर भी दिख रहा है तेंदुए का कुनबा

तेंदुए की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार रात करीब 11 बजे बरझर निवासी इरशाद खान और करीम ने कोठार जाते समय सड़क पर एक तेंदुआ देखा। जब उन्होंने गाड़ी घुमाकर रोशनी डाली, तो वहां दो और तेंदुए नजर आए। कयास लगाए जा रहे हैं कि मादा तेंदुआ अपने शावकों को शिकार सिखाने के लिए साथ लेकर निकली होगी।

अब तक कोई जनहानि नहीं, पर बना है खतरा

राहत की बात यह है कि अब तक तेंदुए ने किसी इंसान पर हमला नहीं किया है, लेकिन पालतू जानवरों के शिकार और लगातार रिहायशी इलाकों में मौजूदगी से ग्रामीण किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द ही इन तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए ताकि किसान बेखौफ होकर अपने खेतों में काम कर सकें।

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