लवेश स्वर्णकार,पन्नालाल पाटीदार/रायपुरिया झाबुआ जिला प्रशासन ने पिछले माह जिले मे बोरिंग खनन पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन ग्रामीण अंचलों में रात के अंधेरों में बोरिंग खनन हो रहा है उससे ऐसा प्रेरित होता है कि इन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं लग रहा है सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में रात की 12:00 बजे के बाद ग्रामीण अंचलों में बोरिंग खनन चल रहा है सुबह यह बोरिंग खनन करने वाली गाड़ियां खड़ी रहती है अगर प्रतिबंध है तो यहां गाड़ियां इस क्षेत्र में क्या कर रही है ? क्या राजस्व विभाग इसे अनदेखी कर रहा है या फिर साठगांठ से यह सब हो रहा है बोरिंग खनन मशीनें सभी की आंखों सामने से गुजरती है लेकिन कस्बा पटवारी इन्हें नहीं पकड्डते है। दरअसल रात के अंधेरे में ग्राम रायपुरिया के मुख्य मार्ग पर एक निर्माणाधीन मकान में बोरिंग हुवा लेकिन जानकारी के बाद भी कार्रवाही नही हुई । क्षेत्र में प्रतिबंध लगा हुआ है जिला प्रशासन ने 1 माह पहले जल संकट को देखते हुए प्रतिबंध लगाया गया है जानकारी मिलेगी तो कार्रवाही करेंगे – वेलसिंह भुरीया पटवारी ) Post navigation क्या वाकई में जनहित के मुद्दे पर ग्रामीणों के साथ थी पंचायत ? 14 माह पहले अपर कोर्ट में अपील नही करके पंचायत ने कर दी बड़ी चूक यह कैसा विकास? पांच साल से नाली नही लोगो ने घर के आगे गड्ढे खोदे उसमे एकत्रित कर रहे गंदा पानी