जितेंद्र वर्मा, जोबट
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अलीराजपुर जिले में मौजूद खनिज संपदा के उत्खनन के लिए की जा रही निजी जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया का विरोध अब सड़कों पर उतर आया है। इस निर्णय के खिलाफ ‘भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति’ के बैनर तले जोबट स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया।
ग्राम सभा के अधिकारों की अनदेखी का आरोप
धरने में शामिल जोबट तहसील क्षेत्र के सैकड़ों प्रभावित ग्रामीणों और आदिवासी प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अलीराजपुर जिला भारतीय संविधान की 5वीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र घोषित है, जहाँ पंचायती राज विस्तार अधिनियम (पैसा एक्ट/PESA Act) लागू है। पैसा कानून के प्रावधानों के तहत किसी भी अनुसूचित क्षेत्र में खनन पट्टा जारी करने या निजी भूमि के अधिग्रहण से पूर्व स्थानीय ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत की लिखित अनुमति अनिवार्य है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन बिना किसी ग्राम सभा की सहमति के कॉरपोरेट कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए ज़मीनों का जबरन अधिग्रहण कर रहा है।
अस्तित्व और पर्यावरण पर संकट
संघर्ष समिति के वक्ताओं ने धरना स्थल पर इस संवाददाता से बात करते हुए कहा कि निजी जमीनों के अधिग्रहण से न केवल सैकड़ों आदिवासी परिवार बेघर और भूमिहीन हो जाएँगे, बल्कि क्षेत्र की जल, जंगल और जमीन की पारिस्थितिकी भी पूरी तरह तबाह हो जाएगी। जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों का पारंपरिक हक है, जिसे किसी भी कीमत पर छीनने नहीं दिया जाएगा।
मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
धरने की शुरुआत के दो दिन पूर्व ही संघर्ष समिति ने जोबट एसडीएम को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समिति ने मांग की है कि:
* निजी भूमियों के अधिग्रहण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
* पैसा एक्ट के तहत ग्राम सभाओं के अधिकारों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
* बिना ग्राम सभा की मंजूरी के प्रस्तावित सभी खनन पट्टों को रद्द किया जाए। संघर्ष समिति के नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस असंवैधानिक अधिग्रहण को रद्द नहीं किया, तो यह सांकेतिक धरना आने वाले दिनों में पूरे जिले स्तर पर एक बड़े और अनिश्चितकालीन जन-आंदोलन का रूप ले लेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *