सलमान शेख@ झाबुआ Live मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में पेटलावद में हुए ब्लास्ट को कल 4 साल हो जाएंगे। पिछले चार वर्ष पहले यानि 12 सितंबर 2015 को थांदला रोड स्थित एक मकान में अवैध रूप से रखे बारूद व रासायनिक खाद में हुए विस्फोट में 78 लोगो की जाने चली गई थी। इस दर्दनाक हादसे में पीडि़त लोगो को राहत पहुँचाने के लिए पूर्व सीएम शिवराज ने कई वादे किये और आश्वासन भी दिए, जो आज तक अधूरे हैं। वहीं इस हादसे की बरसी पर कई नेताओं ने पेटलावद पहुंचकर पीडि़तों से मुलाक़ात कर ढांढस बाँधा। वहीं कांग्रेस ने भी विपक्ष में रहकर ब्लास्ट पर खूब राजनीति की, साथ ही सुर्खियां बटौरी और हर बरसी पर शोकसभा से लेकर कई आयोजन किये, जिसमे वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित कांग्रेस के कई कद्दावर नेता अलग-अलग बरसी पर यहां पहुंचे थे, लेकिन आज 11 सितम्बर को झाबुआ में हुए जय किसान समृद्वि योजना, मुख्यमत्रीं आवास मिशन (शहरी) के हितग्राहियो को प्रमाण पत्र एवं पट्टा वितरण, स्व-सहायता समूहो को गैस कनेक्षन वितरण कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके मंत्री कल आने वाली बरसी को भूल गए। मुख्यमंत्री न रहते हुए पिछले वर्ष पीड़ितों से मुलाकात कर खूब वादे कर गए थे, लेकिन आज उन्ही पीड़ितों के दर्द को जानना तो दूर ब्लास्ट में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देना ही भूल गए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या? मुख्यमंत्री या उनके मंत्री या प्रभारी मंत्री यहां आकर श्रद्धांजली नही दे सकते थे? हादसे के बाद जहां आज तक कांग्रेस के वायदे आज तक जमीन पर नहीं उतरे। वहीं इस तरह इतने बड़े हादसे की बरसी को झाबुआ में हुए कार्यक्रम में पहुंचे सीएम कमलनाथ द्वारा अपने सम्बोधन में भुला देना घटना से पीडि़त लोगों के दिलों पर बड़ी चोट है। सीएम कमलनाथ और उनके मंत्रियों के इस रवैये को लेकर लोगों में गुस्सा है। Post navigation पेटलावद ब्लास्ट की चौथी बरसी: 78 दिवंगत आत्माओ को श्रद्धांजलि के लिए अपना ग्रीन पेटलावद संस्था रोपेंगी पौधे इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी नही लिया गया सबक, आज भी बारूद के ढेर पर बैठा पेटलावद