झाबुआ डेस्क । पेटलावद थाना क्षेत्र में पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों के मामले में अब दूसरा पक्ष भी खुलकर सामने आया है। मामले में दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि थाना पुलिस द्वारा किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई थी, बल्कि आपसी विवाद के चलते पुलिस को गलत तरीके से बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

मामले में दूसरे पक्ष के सुनील भूरिया, भागीरथ गुलाबचंद भूरिया एवं भीमा महेश चारेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनका पहले पक्ष के लोगों से विवाद हुआ था। उनके अनुसार विवाद के दौरान पहले पक्ष द्वारा जबरन झगड़ा किया गया था, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

दूसरे पक्ष का कहना है कि पुलिस ने केवल स्थिति को नियंत्रित करने और विवाद शांत कराने का कार्य किया था। थाना पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पक्ष द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोप केवल दबाव बनाने और मामले को अलग दिशा देने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।

दूसरे पक्ष के लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस की कार्यवाही पूरी तरह कानून अनुसार थी और पुलिस को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि थाना परिसर के CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच की जाए तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी।

गौरतलब है कि पूर्व में ग्राम ठिकरिया निवासी दो भाइयों द्वारा पेटलावद थाना प्रभारी एवं पुलिस कर्मचारियों पर मारपीट और रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे। अब दूसरे पक्ष के सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। क्षेत्र में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं जारी हैं।

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