झाबुआ लाइव के लिए बामनिया लोकेेंद्र चाणोदिया की रिपोर्ट
वर्तमान स्थिति में बामनिया नगर तो शायद भगवान भरोस ही चल रहा है। यहा पर प्रशासनिक स्तर की कोई उपस्थिति नजर ही नही आती। वर्तमान मे बामनिया में पुलिस प्रशासन की उपस्थिति भी लगभग न के बराबर सी है। आये दिन छोटी मोटी घटनाएं, असामाजिक तत्वो का हुड़दंग, दो पहिया वाहनो पर शराब के नशे में धुत 4-5 सवारी बैठाकर बेरोकटोक चलते नजर आते है। जिसके कारण आये दिन आम राहगीर के साथ कई वाहन भी दुर्घटना के शिकार होते है। कोई घायल होता है तो कोई मौत का शिकार। इस पर रोक लगाने वाला जवाबदार विभाग अंकुश लगाने में असक्षम है या सबकुछ आंखे मूंद कर देख रहा है। क्या जवाबदार विभाग ऐसे वाहनो एवं वाहन चालको पर चालानी कार्रवाई नहीं कर सकता या इन पर रोक नही लगा सकता। यह समस्या केवल बामनिया की ही नही अपितु आसपास के पूरे रहवासी क्षेत्रो में हो रही घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह समस्या पूरे क्षेत्र की है। यहा हर दुसरा वाहनचालक बिना लाइसेंसी होता है, हर दूसरे वाहन के पास अपनी गाड़ी के उचित कागजात नही होते है, तो अधिकांश शराब के नशे में वाहन अंधाधुंध गति से सरपट दौड़ाते रहते है। बामनिया का मुख्य चौराहा तो हर समय मानो ऐसा लगता है कि किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा हो। यहा हर घंटे में जाम लग जाता है। वाहनो के साथ साथ मुख्य चौराहे पर जहा तहा जिसकी मर्जी आयी अपनी ठेलागाड़ी लगाई और अपना व्यवसाय चालू कर दिया। यूं तो बामनिया पुलिस अभी से पूर्व तक कभी कभी अच्छि कार्यप्रणाली के लिए पहचानी जाती थी किंतु वर्तमान में तो पुलिस व्यवस्था कम से कम चौराहे पर तो बिल्कुल नजर नही आती जबकि मुख्य चौराहे पर तीन रोड़ के साथ समीप में ही रेलवे स्टेशन है जहा से वाहनों का बहुत अधिक आना जाना लगा रहता है। वर्तमान स्थिति कुछ ऐसी लगती है कि पुलिस प्रषासन का भय असामाजिक तत्वो में खत्म ही हो गया है। मुख्य चौराहे पर बामनिया में यातायात पुलिस की बहुत अधिक जरूरत है। जिसे पूर्व के समाचारो में भी कई बार उठाया था, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने भी यातायात पुलिस जवान की नियुक्ति का आष्वासन दिलाया था किंतु वह आज पूरा नही हुआ।
बोले जवाबदार –
पुलिस प्रशासन हो रही घटनाओं से जागरूक है, हम इस प्रयास में है कि घटनाओ पर रोक लगे, जगह जगह नुक्कड़ नाटकों से जागरूकता लाने की कोशिश कर रहे है और जहा आवश्यक लगेगा वहा कार्रवाई भी करेंगे। जहा तक बामनिया की बात है मैं दिखवाता हूं कि समस्या क्यो आ रही है- संजय तिवारी, एसपी झाबुआ

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