त्वरित टिप्पणी Tv पत्रकार चंद्रभान सिंह भदोरिया की फैसबुक वाल से साभार बीजेपी के उत्थान मे परिवारवाद का विरोध यानी 10 जनपथ के गांधी नेहरु ओर फिर यूपी – बिहार के यादव परिवारों के परिवारवाद को पानी पी पीकर कोसने का प्रमूख योगदान रहा है लेकिन बात जब खुद पर आती है बीजेपी का तक॔ बदल जाता है वह कहती है हम जीतने वालों की ही टिकट देते है परिवार वाद जैसी कोई बात नहीं । कल नगरीय निकाय चुनावों के टिकटों का देर रात एलान हुआ उसमें भी बीजेपी ने जमकर परिवार वाद चलाया है । अलीराजपुर जिले मे आजादनगर नगर परिषद् अध्यक्ष पद पर जोबट विधायक माधोसिंह डावर की पत्नी निम॔ला डावर दो बार से अध्यक्ष है लेकिन पार्टी ने इस बार फिर उन्हे टिकट दे दिया है बड़ा सवाल क्या आजादनगर मे बीजेपी एक भी ऐसा महिला चेहरा नहीं देख पाती है जिसे टिकट दिया जा सके ? या बीजेपी खुद विधायक परिवार को ही बीजेपी मानती है बाकी सब दरी उठाने वाले या सेव परमल बांटने वाले कार्यकर्ता भर है ? इसी तरह जोबट मे मोजूदा अध्यक्ष दीपक चोहान की पत्नी को टिकट दे दिया गया जबकि दीपक पर फर्जीवाडे ओर अनियमितताओ के गंभीर आरोप लगते रहे है मगर बीजेपी नेताओं को शायद दीपक का आर्थिक रुप से मजबूत होना बहुत भाता है । इसी तरह झाबुआ जिले मे झाबुआ नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए जब महिला सीट हुईं तो धनसिंह की जगह उनकी पत्नी बसंती को टिकट दिया गया । कुल मिलाकर बीजेपी की कथनी ओर करनी मे अंतर यह बताता है कि हाथी के दांत खाने के अलग ओर दिखाने के अलग होते है । Post navigation टिकट वितरण मे दोनो जिलाध्यक्षों की ज्यादा नही चली; 50/50 रहा प्रदश॔न अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल-केरोसिन रखने पर एक वर्ष का कारावास व अर्थदंड