रितेश गुप्ता थादंला अखिल विश्व निर्माता, शिल्प शास्त्र के आविष्कारकर्ता भगवान विश्वकर्मा की जयंती पंचाल समाज ने बड़ी धूमधाम से मनाई। समाजजन सुबह से बावड़ी मंदिर में स्थित भगवान विश्वकर्मा के मंदिर पर पहुंचे। जहां भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर पं. कैलाश आचार्य के मार्गदर्शन में कथा और पूजा.पाठ का आयोजन किया गया। जिसके बाद नगर के प्रमुख मार्गों से होकर जुलुस निकाला गया। जानकारी देते हुए समाज के अध्यक्ष संजय पंचाल ने बताया कि जुलूस में भगवा ध्वज लेकर युवा आगे चल रहे थे। बैंड बाजों के मधुर भजनों पर नाचते-गाते समाज जन चल रहे थे। प्रमुख चौराहों पर मातृशक्ति और युवाओं द्वारा गरबा भी खेला गया। साथ ही आतिशबाजी भी की गई। युवाओं के भगवान विश्वकर्मा के नारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा। जुलूस में समाजजनों के साथ ही विभिन्न शिल्प कलाओं के माहिर शिल्पकार भी शामिल हुए। जुलुस बावड़ी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण कर पुनरू मंदिर पहुंचा। जहां पर महाआरती के बाद सहभोज आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सुनील पण्दा, दिलीप डामोर, राजेश वैद्य, अक्षय भट्ट, आत्माराम शर्मा,राजू धानक सहित समाज के वरिष्ठ कालूराम पंचाल, जयंतीलाल पंचाल, रतीलाल पंचाल, जगदीश पंचाल सहित युवाओं का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों का उत्साह चरम पर था। पंचाल समाज ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार भी माना। Post navigation मां-बच्चों ने एक साथ मंच पर दी भावविभोर प्रस्तुतियां स्वास्थ्य कारणों के चलते पुलकसागरजी महाराज का 9 फरवरी का थांदला आगमन कार्यक्रम निरस्त