हितेन्द्र पंचाल, मदरानी मदरानी में 11,000 केवी लाइट के एक पोल पर फाल्ट सुधार रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारी दीवान पिता दोला डामोर को करंट लगने से पोल से नीचे गिर गया जिससे आउटसोर्सिंग कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे तत्काल गुजरात के दाहोद रेफर किया गया। जबकी आउटसोर्सिंग कर्मचारी को लाइनमैन के हेल्पर के लिए रखा जाता है जबकि तो आउटसोर्सिंग कर्मचारी को पोल पर चढ़कर लाइन सुधारने की अथॉरिटी नही है फिर भी अधिकारी कर्मचारी को पोल पर जबरन चढ़ाकर मौत के मुंह में धकेल देते हैं। गौरतलब है कि जिले मे व प्रदेश मे कई कर्मचारियों की मौत हो चुकी है जिसकी जवाबदारी कोई अधिकारी लेने को तैयार नही है और ना समय पर बीमा व सहयोग राशि दी जाती है। सारा खेल अधिकारी व ठेकेदार के मिली भगत से कर्मचारियों का शोशण व मौत का तांडव रचा जा रहा है जिसकी शिकायत शासन प्रशासन को की जा चुकी है ओर विभाग का 80 फीसदी कार्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से लिया जाता रहा है। अब सवाल यह है कि परमिट देने का कार्य ग्रिड आपरेटर का होता है तो लाइनमैन ने परमिट कैसे जारी कर दिया यह भी एक बडा सवाल है और परमिटट लाइनमैन के सिवाय किसी ओर को नही दिया जाता है तो ठेका कर्मचारी को परमिट किस आधार पर दिया, जो आदेश की अवहेलना को दर्शाता है। मीडिया के माध्यम से कई बार आन्दोलन की खबरे देखी जा सकती है कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले घोषणा पत्र मे भी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को योग्यता के आधार पर 60 दिन मे वचन दिया था। ) Post navigation दिल्ली मुम्बई राष्ट्रीय मार्ग पर अधिग्रहण की भूमि के मुआवजे को लेकर भामल के किसानों ने सौंपा ज्ञापन विद्युत वितरण कंपनी ने किया जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन