मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के रूप में पूजा का विधान है इसी दिन चूल्हे पर तवा नहीं चढ़ाया जाकर दाल बाटी बनाई जाती है ।नाग देवता के स्थल तथा नाग मंदिर पर पूजा कर चूरमा का प्रसाद चढ़ाया जाकर वितरण किया जाने का विधान बताया गया है। आम्बुआ में आज नाग पंचमी के उपलक्ष्य में निर्माणाधीन नाग मंदिर (पुरानी सांप के बामी) पर महिलाओं ने कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए पूजा अर्चना की तथा घर परिवार में सुख शांति की प्रार्थना कि आम्बुआ थाना परिसर में विगत महीनों निर्मित नाग त्रिलोचन महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की तथा चूरमा एवं फलों का प्रसाद वितरण किया। आम्बुआ में पहली बार नाग मंदिर में नाग देवता की मूर्ति की पूजा अर्चना लाभ लिया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए तथा आरती की गई स्मरण रहे कि तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कपीस ने जनसहयोग से एक छोटा किंतु सुंदर नाग त्रिलोचन महादेव मंदिर का निर्माण कराकर नाग देवता एवं शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा शिवरात्रि के अवसर पर कराई थी जो कि लोगों के श्रद्धा का केंद्र बन रहा है यहां सुबह शाम आरती की जाती है। Post navigation एक बेटे ने अपने ही पिता का कर दिया कत्ल, ये थी वजह; कारण जानकर चौंक जाएंगे … बढ़ती राशन की कालाबाजारी को लेकर विधायक पटेल ने कलेक्टर को पत्र लिख निगरानी समिति बनाने की मांग