झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
नगर परिषद चुनाव में शनिवार को प्रत्याशियों ने खुले मौसम का फायदा उठाते हुए जम कर प्रचार प्रसार किया दिन भर हर वार्ड के प्रत्याशी प्रचार में मगन दिखाई दिए जहां भी जाओ प्रत्याशी मतदाताओं को घेरे खड़े हुए है। हर कोई चुनाव में अपने पक्ष में मतदान करवाने के प्रयास में लगा हुआ है जिसे लेकर रणनीति बनाई जा रही है और प्रयास यह किए जा रहे है कि किसका किससे कैस संबंध है उस पर विशेष ध्यान देकर उन संबंधों का फायदा उठाया जाए।
सोशल मीडिया पर भी प्रचार-
प्रचार का सबसे बड़ा साधन सोशल मीडिया बन गया है जिस पर हर एक प्रत्याशी अपने समर्थकों से अपने बैनर पोस्टर डलवा रहा है ताकि अधिक से अधिक प्रचार प्रसार हो सके। कई प्रत्याशियों ने तो सुबह से लेकर शाम तक कई बार अपने बेनर सोशल मीडिया के वाट्सएप और फेसबुक पर लगातार डालने का क्रम बना लिया है जिससे कई लोग परेशान भी हो रहे है और लगातार प्रचार के पोस्टर डालने पर विवाद भी कर रहे है।
कई ग्रुपों ने रोक लगाई
वहीं वाट्सएप के कई धार्मिक,सामाजिक ग्रुपों ने ग्रुप में किसी भी प्रकार की राजनीतिक खबर,पोस्टर या बहस पर रोक लगा रखी है. यदि कोई सदस्य ग्रुप में बार बार राजनीति या चुनाव से संबंधित कोई वस्तु डाल रहा है तो उसे बाहर निकाला जा रहा है।
सोशल मीडिया को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं-
सोशल मीडिया को लेकर आदर्श आचार संहिता में कुछ भी स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया है क्योंकि आज के समय में प्रचार प्रसार का सबसे सरल तरीका सोशल मीडिया ही है किंतु इस पर चुनाव प्रचार को लेकर कोई स्पष्ट बात नहीं है जिसका फायदा प्रत्याशी उठा रहे है और सोशल मीडिया पर जम कर प्रचार प्रसार कर रहे है।
50 प्रतिशत मतदाता जुड़े सोशल मीडिया से
देखा जाए तो सोशल मीडिया से 50 प्रतिशत मतदाता जुड़े हुए है. जो कि पूरे चुनाव को प्रभावित करते है। सोशल मीडिया पर कई तरह के संदेशों के माध्यम से प्रत्याशी अपना प्रचार प्रसार कर सकता है जिस पर कुछ रोक होना भी आवश्यक है किंतु इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में ब्लाक कांग्रेस अध्यब मन्नालाल हामड़ का कहना है कि लगातार सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार की सामग्री डालने पर उसका खर्च प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोडऩा चाहिए।

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