आलीराजपुर। दोहरे हत्याकाण्ड के आरोपियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी राधु, नानबु, हाबु, भिकलिया, भलसिंह कमाबाई, नि. बोकडिया गुराड फलिया चाँदपुर को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आलीराजपुर द्वारा अपराध का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। 04-11-2021 को ग्राम बोकडिया गुराड फलिया शाम करीबन 07:00 बजे फरियादिया शारदाबाई अपने घर पर खाना बना रही थी और उसका पति इसमाल घर के बाहर बैठा हुआ था तभी आरोपी राधु, हाबु, भिकलिया, नानबु व भलसिंह पिता गुलिया एकमत होकर आये और इसमाल से बोले माधु लड़की को डेढ वर्ष पहले भगा ले गया जिसका समझौता पंचायत में हुआ। समझौता के अनुसार लडकी एक किलो चाँदी के गहने ले गई वह गहने वापस मुझे देना था और लडकी से मिलवाना था। किंतु लडकी जो चाँदी के गहने ले गई वह गहने मुझे नहीं दिये और लडकी को भी नहीं मिलवाये। इसी बात को लेकर आरोपीगण इसमाल को पकडकर राधु के घर दरवाजे के सामने ले गए और सभी आरोपीगण इसमाल से मारपीट करने लगे और जान से मारने की नियत से खटिया की लकड़ी से इसमाल के सिर में राधु ने चोट पहुंचाई और दितलिया ने इसमाल के चेहरे पर फालिया से चोट पहुंचाकर हत्या कर दी। तभी बीच-बचाव करने गया सुखदेव तो हाबु ने सुखदेव के सिर में लट्ट से प्राणघातक चोंट पहुंचाई मौके पर ही सुखदेव गिर गया और आरोपिया कमाबाई ने सुखदेव के मुंह पर ईंट से चोट पहुंचाकर हत्या कर दी। घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी ने मौके पर ही पुलिस के पहुंचने पर लिखवाई थी अपराध अनुसंधान पश्चात सभी आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र अलीराजपुर न्यायालय में पेश किया। प्रकरण गंभीर प्रकृति का होने से चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में लिया गया। विचारण दौरान अभियोजन साक्षियों के साक्ष्य के आधार पर आरोपी राघु, हाबु, भिकलिया, कमाबाई को विचारण न्यायालय द्वारा हत्या के अपराध में दोषी पाए गये एवं सभी आरोपीगण को आजीवन कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। उक्त विवाद में ही आरोपी नानबु व ‘भलसिंह की फरियादी पक्ष के द्वारा हत्या कर दी जिसका पृथक से फरियादी पक्ष के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन उपसंचालक अभियोजन अधिकारी राजीव गरवाल द्वारा किया गया। Post navigation वन मंत्री से मिले अतिथि शिक्षक, महापंचायत में की गई घोषणाओं को अमल में लाने की मांग की ऑपरेशन कवच के तहत पुलिस ने वाहन चालकों पर की कार्रवाई, चालान बनाए