मयंक विश्वकर्मा, आंबुआ दाऊदी बोहरा जमात यो तो वैसे भी बहुत संयमी मानी जाती है समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग व्यापारिक कार्यों से जुड़ा है जिन्हें धंधे व्यवसाय से समय कम ही मिलता है इसके बावजूद जब भी समाज हित में धर्मगुरु का संदेश फरमान आदि मिलता है समाज जन तत्काल अमल करते हैं अभी हाल ही में समाज जनों को संदेश दिया गया कि वे शरीर को स्वस्थ रखने हेतु सुबह या जब समय मिले पैदल चले व्यायाम करें। दाऊदी बोहराजमात में अपने धर्म गुरु का एक बहुत बड़ा स्थान माना जाता है उनकी किसी भी सलाह को समाज तत्काल मानता है समाज जन अधिकांश व्यवसायिक कार्यो से जुड़ा है व्यवसायिक व्यस्तता के कारण व्यायाम या घूमने फिरने का मौका कम ही मिलता है जिस कारण शारीरिक रूप से कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। हालांकि पौष्टिक भोजन आदि के कारण उन्हें थकावट आदि का कम ही एहसास होता है। लेकिन शरीर तो शरीर है कोई मशीन नहीं बीमारियां घेर ही लेती है। धर्मगुरु के निर्देश पर चिकित्सकों ने एक बैठक रखी तथा यह निष्कर्ष निकाला कि समाज जनों को व्यायाम करना चाहिए जिसके लिए प्रतिदिन 40 मिनट या 3 किलोमीटर सुबह या जब भी समय मिले अपनी सुविधानुसार पैदल भ्रमण करना चाहिए धर्मगुरु ने समाज जनों को संदेश भिजवाया कि सभी स्वस्थ रहें दवाइयों से छुटकारा मिले इस हेतु पैदल चलना प्रारंभ करें आम्बुआ दाऊदी बोहरा जमात ने भी धर्मगुरु की “सीख” को सरआंखों पर लिया तथा आज 24 अक्टूबर से समाज की महिला, पुरुष, बच्चे सभी सुबह सुबह घूमने निकले तथा प्रतिदिन घूमने की आदत डालने का इरादा व्यक्त किया ताकि शरीर स्वस्थ रह सकें। इस अभियान से मोदी जी के फिट इंडिया अभियान को भी गति मिलेगी। Post navigation अनुशासन के साथ निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन जोबट उपचुनाव: पुलिस ने झडौली गांव में दी अवैध ठिकाने पर दबिश; पकड़ी लाखो रुपये की अवैध शराब