थांदला। यहां आचार्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी, रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी आदि ठाणा – 8 एवं साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी आदि ठाणा – 4 के सानिध्य में तपस्याओें का क्रम निरंतर जारी है। श्रीसंघ का हर एक सदस्य अपनी शक्ति अनुसार तप आराधना में भाग लेकर अपने कर्म की निर्जरा करते हुए संघ को गौरवान्वित कर रहा है। यहां श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के विशेष आमंत्रित सदस्य भुपेंद्र पावेचा के छोटे पुत्र श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के कार्यकारिणी सदस्य युवा व्यापारी प्रतीक पावेचा ने 16 उपवास की कठोर तपस्या पूर्ण की । जब किसी परिवार मे उग्र तपस्या हो तो उस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहता है और जब परिवार में 16 उपवास जैसी तपस्या हो तो खुशी दुगनी हो जाती है । पावेचा परिवार के प्रतीक पावेचा ने 16 उपवास जैसी कठोर तपस्या पूर्ण की। जो अनुमोदनीय होकर सभी के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है । उल्लेखनीय है कि इसी वर्षावास में तपस्वी प्रतीक पावेचा की धर्म सहायिका तपस्वी दर्शना पावेचा ने 11 उपवास की तपस्या की थी । संयमी आत्माओं ने की तपस्वी की अनुमोदना आयोजित बहुमान समारोह में तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी व संदीपमुनिजी ने तप की महत्ता पर प्रकाश डालकर तपस्वी के तप की अनुमोदना करते हुए खूब खूब धन्यवाद व साधुवाद दिया। वहीं मुनि व साध्वी मंडल ने परिवारजनों को भी इस कठोर तप में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। सभा में श्री संघ के अध्यक्ष प्रदीप गादिया आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। तप की बोली तप से लगाकर तपस्वी का किया बहुमान तपस्वी का तप की बोली तप से लगवाकर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से शाल ओढ़ाकर माला पहनाकर बहुमान किया गया। तपस्वी का कई परिवारों व विभिन्न संस्थाओं द्वारा भी बहुमान किया गया। इस दौरान धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं ने मुक्त कंठ से तपस्वी के जयकारे लगाए । Post navigation थांदला गौरव तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी मसा के सान्निध्य में अंकित भंसाली ने 31 उपवास व आदिश चौरड़िया ने सिद्धि तप की कठोर तपस्या पूर्ण की तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म. सा. के सानिध्य में करुणामूर्ति सलाहकार पूज्य श्री रुपेंद्रमुनिजी म. सा. की 28 वीं पुण्यतिथि जप-तप से मनाई