रितेश गुप्ता @थांदला त्रिमूर्ति कालिका माता मंदिर महोत्सव समिति द्वारा अमावस्या होने से महाकाली, महालक्ष्मी एवं महा सरस्वती का आकर्षक श्रृंगार किया गया। वही महाभिषेक कर संध्या को महा आरती की गई जिसमें भक्तगण अपने घरों से आरती की थाली लेकर आये। मन्दिर पुजारी पण्डित कैलाश आचार्य ने बताया कि श्रावण मास में तिथियों का महत्व बढ़ जाता है एवं अमावस्या पर महाभिषेक की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है। वही अपने घरों से माता के द्वार पर आकर पूजा अर्चना व आरती करने से मन वांछित फल की प्राप्ति होती है। घर मे सुख शांति व समृद्धि के लिए, विश्व शांति व गृह शांति तथा कोरोना मुक्ति के लिए महाभिषेक महाफलदायी होता है। वही माता के दरबार में खाटू के मतवालों द्वारा खाटू श्याम की ज्योत जलाते हुए सुमधुर भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी गई। आयोजन में कालिका भक्त मंडल द्वारा सभी भक्तों के लिए केसरिया ड्रायफूड युक्त दूध की प्रसादी दी गई। Post navigation सदा शिव भक्त मंडल के तत्वाधान में प्रथम कावड़ यात्रा निकाली गयी पशुपतिनाथ महादेव की होगी प्राणप्रतिष्ठा