झाबुआ लाइव के लिए थान्दला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट – अल्प वर्षा से मक्का व सोयाबीन, उड़द, मूंग कपास की 75 प्रतिशत फसल क्षेत्र के किसानो द्वारा लाखो रुपए लगाकर तैयार की गई व फल लग चुकी फसल पर ब्लाईट रोग व वायरस ने बहुत बडे़ क्षेत्र मे आक्रमण कर दिया है व इन रोगो पर नियंत्रण मे कोई भी रासयनिक कीटनाशक काम नही कर पार रही है ऐसे मे आंखों मे पानी लिए किसानों को इस फली फूली फसल को अपने हाथों से उखाड़ने के अलावा ओर कोई चारा नही रह गया है। कई किसानो ने बताया कि हमने बाजार ,सहकारी सस्थाओं से, बैंको से कर्ज लेकर लाखों रुपये इस फसल पर खर्च कर दिए अब हमारेे पास रोग ग्रस्त फसल को खेतों से निकालने के लिये मजदूरो को देने के लिये भी राशि नही है। जल स्त्रोतो मे पानी इतना है नही की फिर से खेतो को तैयार कर अन्य फसल ले सके। कुएं,बावडी व ट्यूबवेल जो हमेशा सहारा बनते है वे भी सूखने की कगार पर है। थांदला मे प्रकोप बढ़ा थांदला गा्रमीण सूतरेटी, शिवगढ़, महुडा, सुजापुरा, खजूरी, परवलिया समेत अनेक गांवो से ब्लाइट व वायरस के प्रकोप की खबर है। थांदला के कृषक नारायणलाल पाटीदार ने बताया कि वे मूलतः पेटलावद क्षेत्र के निवासी है थांदला मे डेढ़ लाख रुपए सालाना मुनाफा राशि देकर जमीन रखी है आठ बीघा मे लाखों रुपया लगाकर टमाटर बोया था फसल लगभग तैयार हो गई थी की ब्लाइट व वायरस ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। 20 से अधिक मजदूर लगाकर भारी मन से खेत से टमाटर की फसल को उखड़वा रहा हूं। कृषि का कोई भी नुमाइंदा फसल की जानकारी लेने आज तक नही आया। Post navigation बकरा चुराने से रोका था तो ससुर की कार दी थी हत्या बाइक की टक्कर में तीन घायल