कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने आज राशन वितरण केंद्रों से खाद्यान्न लेने वाले हितग्राहियों और व्यापारियों के लिए एक फरमान जारी किया है। इस फरमान के तहत अगर कोई हितग्राही अपना लिया हुआ राशन किसी व्यापारी या व्यक्ति को बेचता है और कोई व्यापारी उस राशन को लेता है तो दोनों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यही नही उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। आदेश में कलेक्टर ने बताया जिले के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत समस्त पात्र हितग्राही गरीब बेघर, बेसहारा हितग्राहियों को सूचित किया जाता है कि वर्तमान में उन्हें जो शासकीय उचित मूल्य दुकानों से रियायती दर पर नि:शुल्क खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है ऐसे हितग्राही अपना राशन (गेहूं या चावल) किसी भी दुकान पर या व्यापारी को ना बेचे। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते पाया जाता है तो संबंधित हितग्राही का राशन कार्ड और पात्रता पर्ची निरस्त कर दी जाएगी और उसके विरुद्ध नियम नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस प्रकार खाद्यान्न खरीदने वाले व्यापारी के विरुद्ध मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की धारा 13 (2) के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है। Post navigation झाबुआ के युवक को ससुराल वालो ने जला दिया था जिंदा; 4 साल बाद आये फैसले मे सभी आरोपियों को आजीवन कारावास पौधारोपण कार्यक्रम में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां; नेता-जनप्रतिनिधियों का मास्क से परहेज …