जितेंद्र वर्मा, जोबट

जोबट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में गंदगी का अंबार लगा है,साफ सफाई पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है,लोगों को साफ सफाई का संदेश देने वाला स्वास्थ्य विभाग ही जब लापरवाह होगा तो मरीज कैसे स्वस्थ होंगे जोबट नगर के सरकारी अस्पतालों में गंदगी से मरीजों का रहना मुहाल हो गया है सफाई की हालत इतनी बदतर है कि यहां मरीज के साथ आने वाले निरोग तीमारदार भी बीमार पड़ सकते हैं,साफ-सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, इसके बाद भी अस्पताल परिसर में जगह-जगह कचरों का अंबार लगा हुआ है,गंदगी के बीच ही इलाज कराना मरीजों की मजबूरी है।

अस्पताल में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है मेडिकल वेस्टेज भी कूड़ेदान की बजाय फर्श पर फैला रहता है,वार्डों में समय पर सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर दुर्गंध फैल रही है,खासकर शौचालयों की स्थिति बदतर है जहां शौचालय में मलमूत्र साफ करने के लिए नल में पानी भी नहीं आ रहा है शौचालय के दरवाजे भी टूटे-फूटे है अस्पताल परिसर के खिड़कियों पर कचरा का अंबार लगा हुआ है।

खुले में मेडिकल वेस्टेज और कचरा फेंके जाने से बीमारी फैलने की भी आशंका रहती है,वहीं गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, सफाई कर्मचारियों की कमी या अनुपस्थित भी एक बड़ा कारण है।

बिजली जाते ही बंद हो जाते वार्ड में लगे पंखे, जनरेटर की मौजूदगी भी सवाल खड़ा खड़ा करती है

बिजली कटौती से आमजन बेहाल हैं ऐसे में जोबट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों का दर्द बढ़ जाता है, मरीज और तीमारदारों के साथ चिकित्सक व कर्मी भी बिजली जाते ही पसीना-पसीना हो जाते हैं। उमस और गर्मी में बिजली चला जाना से मरीज के हाल- बेहाल है ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों को सबसे अधिक परेशानी होती है। अस्पताल के वार्डों में पंखे लगे हैं, लेकिन चलते नहीं हैं। बिजली जाते ही पंखे बंद हो जाते हैं जनरेटर की मौजूदगी भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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