लोहित झामर, मेघनगर रेलवे स्टेशन पर शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की मुस्तैदी और संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण सामने आया है। 28 दिसंबर 2025 को प्लेटफार्म नंबर-2 पर दो नाबालिग बालक जिनकी उम्र लगभग 14 वर्ष है लावारिस अवस्था में घूमने की जानकारी प्राप्त हुई। जीआरपी मेघनगर की टीम तत्काल सक्रिय हुई व दोनों बालकों को विश्वास में लेकर प्रेमपूर्वक पूछताछ की, जिससे उनकी पहचान व परिजनों की जानकारी प्राप्त हुई। जांच में सामने आया कि दोनों बालक नई दिल्ली से बिना बताए ट्रेन में बैठकर मेघनगर आ गए थे, जिनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट नई दिल्ली में दर्ज थी। जीआरपी मेघनगर द्वारा तत्परता से दिल्ली पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया। अगले ही दिन यानी 29 दिसंबर 2025 को दोनों बालकों के पिता थाना पहुंचे, जहां आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर बच्चों को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया गया। इससे एक ओर परिजनों को राहत मिली, वहीं जीआरपी की सजगता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की व्यापक सराहना हो रही है। Post navigation शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में तंबाकू बिक्री पर कार्रवाई, 5 दुकानदारों पर 1000 रु. जुर्माना मेघनगर में हमारी सवारी–भरोसे वाली” एवं “पटरी की पाठशाला” अभियान शुभारंभ