मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क्षेत्र में इस वर्ष वर्षा का मौसम बहुत ही कम रहा तथा समय पर बारिश नहीं होने एवं समय से पूर्व बारिश का रुक जाना इस वर्ष पानी की किल्लत खड़ा करेगा ।नदी नालों पर बने स्टाफ डेमो में समय पर कड़ी शटर नहीं लगने से जल संग्रह नहीं हो सकने के कारण जल संकट की संभावना बढ़ गई है। जैसा की विदित है आम्बुआ तथा आसपास के लगभग 15-20 किलोमीटर क्षेत्र में अल्प वर्षा होने के कारण जलाशय सूखे पड़े है । नदी एवं तालाबों में विगत वर्ष की तुलना बहुत कम पानी है नदी नालों पर बने स्टाफ डेमो पर वर्षा की स्थिति देखते हुए समय पर कड़ी शटर (गेट) लगा देना चाहिए था । मगर ऐसा नहीं किया गया जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण आम्बुआ तथा बोरझाड़ के मध्य बहने वाली हथनी नदी है। कभी मई-जून तक लबालब पानी भरा रहने वाला स्टॉप डेम जिसमें लोग गर्मियों में तेर तेर कर नहाने का मजा लेते थे । लंबी दूरी के वाहन चालक अथाह जल देखकर वाहन खड़े कर स्नान का आनंद उठाते थे। आज वही स्टॉप डेम कम बारिश तथा स्थानीय प्रशासन की अनदेखी एवं आगामी समय हेतु पानी की व्यवस्था की सोच नहीं रखने के कारण सूखा पड़ा है देर से कड़ी शटर लगाए जाने के कारण पानी एकत्र नहीं हो सका जिस कारण से नदी के किनारे स्थित खेतों में फसलें नहीं बोई जा सकेगी । कृषको को हानि उठाना पड़ेगी साथ ही पानी नहीं रहने की स्थिति में आगामी महीनों में जंगली तथा पालतू जानवरों के लिए पेयजल संकट खड़ा होगा। Post navigation मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ में दो दिवसीय रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन