शिवा रावत, उमराली, कोरोना महामारी के चलते शासन ने महाविद्यालयीन छात्र/छात्राओं को ओपन बुक परीक्षा प्रणाली के माध्यम से जनरल प्रमोशन देने का निर्णय लिया था। जिसको अमलीजामा पहनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से असाइनमेंट जमा करवाये गए थे। लेकिन उसके परिणामों में कई गड़बडिय़ां सामने आ रही हैं।जिसका एक उदाहरण स्थानीय महाविद्यालय के छात्र.छात्राओं के परिणाम को देखा जा सकता है, जहां समाजशास्त्र के एक ही कक्षा के 60 से अधिक छात्र-छात्राओं को परिणाम में अनुपस्थित दिखा दिया गया। इस प्रकार अन्य कक्षाओं के कई छात्र-छात्राएं भी इसी गड़बड़ी के शिकार हुए हैं। अब वे स्थानीय महाविद्यालय से लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर तक भटकने को मजबूर हो रहे हैं। इन गड़बडिय़ों को लेकर बुधवार को कई छात्र/छात्राएं अपनी समस्या से अवगत कराने महाविद्यालय की प्राचार्या के पास पहुँचे। जहां पर प्राचार्या अल्पना बारीया और छात्र.छात्राओं के बीच तीखी बहस हो गई। जिसके बाद गुस्साए छात्रों ने महाविद्यालय परिसर में जमीन पर बैठ गए और महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्राध्यापकों की समझाइश के बाद छात्र-छात्राएं मान गए और प्राचार्या को अपना ज्ञापन सौंपा। वहां उपस्थित छात्र.छात्राओं ने कहा कि हमने ओपन बुक परीक्षा प्रणाली में विश्वविद्यालय के नियमानुसार निर्धारित तारीखों पर अपनी परीक्षा की कॉपियां महाविद्यालय में जमा किए थे परंतु हमें उसके परिणाम में अनुपस्थित दिखाया जा रहा है। हम कई दिनों से महाविद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय तक भटक रहे हैं, लेकिन हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। यदि हमारी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द नहीं होता है तो हम सभी छात्र.छात्राएं इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर में जाकर धरना देने की चेतवानी दी। इस अवसर पर छात्र कलमसिंह डोडवे,कादूसिंह डोडवे, संदीप वास्कले, विलेश तोमर, भूरसिंह सोलंकी, केशर सिंह अजनार, पातल भिण्डे,छात्रा रंगा सोलंकी, हारली रावत, कविता जमरा, ममता रावत, मंजू भिंडे, कविता मौर्य आदि छात्र.छात्राएं उपस्थित थे। Post navigation अंधा मोड़ होने तथा सड़क किनारे दुकान लगने से जाम की स्थिति, जननी एक्सप्रेस वाहन जाम में फंसा महाशिवरात्रि: भक्तों ने पूरे किए 1 माह के अखण्ड जाप, विशाल कलश यात्रा के साथ होगा महाभण्डारा