योगेंद्र राठौर@ सोंङवा भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर1875 को झारखंड में एक गरीब परिवार के घर में जन्म लेते है! जन्म होने के बाद जब वो बड़े होते है तो उनका एडमिशन इसाई मिशनरी स्कूल में होता है! उस समय हमारा देश गुलाम था! हम स्वतंत्र नही थे, हम स्वतंत्रता के साथ खा नही सकते थे! अंग्रेजो की गुलामी करते- करते हमे दो वक्त की रोटी भी ठीक तरह से नही मिलती थी! ऐसे समय में भगवान बिरसा मुंडा का जन्म हुआ! जब वो पढ़ते हुए आगे बढे़ तो अंग्रेजो ने लालच दिया उनको की ये देश आपको आजाद करके देगें, आप हमको लगान दो और लगान भी बढ़ा दिया गया! बिरसा मुंडा को समझ में आया कि ये अंग्रेज कही न कही हमारे साथ धोखा कर रहे है! हमारा अधिकार छिन रहे है! हमारी जमीन छिन रहे है! क्योंकि उस समय के जो अंग्रेज थे वो इसाई मिशनरी थे! वो कही न कही आदिवासियों के सम्पूर्ण अधिकार पर अपना अधिकार जमाने का काम कर रहे थे! जितनी हमारी जमीने थी जो उनके कब्जे में कर ली गई थी! जितनी हमारी धन सम्पदा जंगल थे सभी उन्होंने उनके कब्जे में कर लिये थे! और हमे क्या बना दिया, गुलाम बना दिया! उस समय बिरसा मुंडा ने कहा मुझे पढा़ई की आवश्यकता नही है! मुझे मेरे इस समाज की आवश्यकता है! हम लोगो को ध्यान में आता है कि हम लोगो को लालच दिया गया! ये आदिवासी समाज ये जनजाति समाज स्वाभिमानी समाज था! किसी के आगे सर नही झुकाता था! भगवान बिरसा मुंडा ने जब आंदोलन शुरू किया तो उसका नेतृत्व स्वयं बिरसा मुंडा कर रहे थे! उन्होंने समाज से आव्हान किया कि इन अंग्रेजो इसाई मिशनरी को इस देश से भगाना है! क्योंकि हम इस देश के मालिक है! उन्होंने अंत में उपस्थित युवाओं से कहा कि हमारे समाज में फैल रही कुरितियों को जड़ से मिटाना होगा! और आने वाली 15 नवम्बर को घर – घर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाना है!ये बात एबीवीपी के प्रांत मंत्री निलेश सोलंकी ने बिरसा मुंडा जन्मजयंती कार्यक्रम के तहत पुलिस मैदान में उपस्थित जनजाति समाज के युवाओं को संबोधित करते हुए कही! इस दौरान मंच पर टक्करसिंह सस्तिया, इन्दर सिंह, गुलाब भाई मौजूद थे! डाक बंगले से निकली वाहन रैली- 15 नवम्बर को मनाएं जाने वाली भगवान बिरसा मुंडा जयंती को लेकर पुरे देश में जनजाति गौरव यात्रा निकाली जा रही है!इसी कड़ी में सोंडवा खंड में शुक्रवार के दिन दोपहर 2 बजे डाक बंगले से जनजाति विकास मंच के द्वारा वाहन रैली निकाली गई जो आईसीडीएस कार्यालय होते हुए साकड़ी रोड़ उमराली रोड़ वालपुर रोड़ होते हुए पुलिस मैदान पहुचीं! जहां पर सभा का आयोजन किया गया! वाहन रैली में इनका रहा योगदान- वाहन रैली में शंकर निंगवाल, नरिंग मौरी, कुंवरसिंह जमरा,आराम रावत, गोविन्द भयड़िया, विनय चौहान, मुकेश खरत का सराहनीय योगदान रहा!कार्यक्रम का संचालन खंड कार्यवाह ढेडूसिंह डावर ने किया आभार जयपाल खरत ने माना Post navigation आगामी त्योहारो को द्रष्टिगत रखते हुए शांति समिति की बैठक संपन्न विधायक मुकेश पटेल ने किया करीब 30 लाख के निर्माण कार्यो का भूमिपूजन