मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ विगत चार माह से लक्ष्मी पति भगवान श्री विष्णु जी योग निद्रा में लीन रहे जगत के कार्यों की जबाबदारी भगवान शिव जी संभाल रहे थे आज देव उठनी ग्यारस को श्री हरि के जागने के बाद अब जगत के पालन का कार्य श्री हरि विष्णु जी पुनः संभालेंगे। हिंदू सनातन धर्म में चातुर्मास का विशेष महत्व बताया गया है जोकि वर्षा ऋतु से प्रारंभ होकर शीत ऋतु के शुभारंभ तक रहता है इन चार महिनों में भगवान श्री हरि विष्णु जी योग निद्रा में लीन हो जाते हैं तथा संसार का संपूर्ण कार्य भार भूत-भावन भोले नाथ संभालते हैं चार माह बाद आज देव उठनी ग्यारस को श्री हरि विष्णु जी अपनी योग निद्रा से जगकर कर संसार के पालन का भार अपने ऊपर ले लेंगे। सनातन हिन्दू परिवारों में आज भगवान श्री हरि विष्णु जी के सालिगराम स्वरूप का विवाह तुलसी जी के साथ किया गया गन्ना का मंडप सजाया गया तथा विधि विधान से पूजा अर्चना कर आरती की गई, रात्रि में दीपदान किया गया घरों को दीपमालिका से सुसज्जित किया गया तथा आतिशबाजी भी की गई,आज से हिंदू सनातन धर्म में शुभ कार्य क्रम प्रारंभ हो जाएंगे। Post navigation अम्बे माता मंदिर में छप्पन भोग के साथ अन्नकूट महोत्सव संपन्न भीलवट देव पूजन हेतु आदिवासी समुदाय ने हाट बाजार में जमकर की खरीददारी