भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आजाद नगर वार्ड नम्बर 1, 2 और 4 सहित आसपास के चार गांवों के किसानों व ग्रामीणों ने बाईपास निर्माण के लिए की जा रही कृषि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एक लिखित आवेदन तैयार कर एसडीएम एवं तहसीलदार को सौंपा, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि—“हम अपनी 1 इंच भी कृषि भूमि सड़क निर्माण के लिए नहीं देंगे। नगर में पर्याप्त भूमि मौजूद है, वहीं से बाईपास निकाला जाए।” ग्रामीणों ने कहा कि उपजाऊ कृषि भूमि पर सड़क निर्माण पूरी तरह अनुचित है और यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। ग्रामीणों की एकजुट बैठक में पारित प्रस्ताव कृषि भूमि किसी भी कीमत पर अधिग्रहित नहीं होने दी जाएगी। नगर क्षेत्र में उपलब्ध अन्य भूमि से ही बाईपास निकाला जाए। चार दिन में स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो धरना, प्रदर्शन, हड़ताल और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन की समूची जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी। पार्षदों के नेतृत्व में प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन सौंपने में—वार्ड 1 के पार्षद इकराम अजनार, वार्ड 2 के पार्षद लिंसिग भायडिया, वार्ड 4 के पार्षद पिंटू बागड़िया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसानों की समस्याओं को प्रशासन के सामने मजबूती से रखा। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी कृषि भूमि ही उनका भविष्य है और वे किसी भी कीमत पर इसे खोने नहीं देंगे। अब ग्रामीण प्रशासन के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। Post navigation नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग चंद्रशेखर आज़ाद नगर विकासखंड में 7 नई सड़कों के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया