अलीराजपुर लाइव के लिए आम्बुआ से बृजेश खंडेलवाल की रिपोर्ट
अलीराजपुर के जिले का एवं जोबट विधानसभा का हृदय कहलाने वाला ग्राम आंबुआ वर्तमान में अनेक समस्याओं से ग्रसित है। सारी समस्याओं को लेकर ग्रामवासी ग्राम पंचायत परिषद को अपना प्रतिनिधित्व देने पर पछतावा महसूस कर रहे है जिसका कारण ढेर सारी समस्याओं का निदान न होना है।
पानी की समस्या-
ग्राम पंचायत आम्बुआ मे नल जल सप्लाई हेतु करीबन तीन से चार दर्शक पूर्व एक वार्ड 4 में टंकी का निर्माण किया गया था काफी पुरानी होने के कारण टंकी की स्थिति जर्जर हो चुकी है एवं उक्त टंकी में से लगातार पानी झरता रहता है टंकी काफी पुरानी होने के कारण गिरने का भय भी लगा रहता है। साथ ही वर्तमान में भीषण गर्मी के चलते कई शहरी क्षेत्रों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची रहती है एवं इसके चलते कई प्रकार के विवाद देखने एवं सुनने को मिलते हैं। मगर हवा में जल प्रदाय व्यवस्था पर एक नजर डाले तो पता चलता है की यहां पर संपूर्ण ग्राम में बिजली पाइप लाइनों में से सार्वजनिक नल एवं घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं जिसमें से अधिकतर नलों की टोटियां नदारद है। चलते सडक़ों पर व्यर्थ ही पानी बहता रहता है जो आगामी समय के लिए चिंता का विषय है।
टूटी हुई नालियों से बहता गंदा पानी-
ग्राम पंचायत आंबुआ के संपूर्ण वादों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि संपूर्ण ग्राम में आदि से ऊपर नालियां टूटी फूटी है एवं उस का गंदा पानी खरंजा एवं घरों के सामने बहता रहता है इस गंदे पानी के बहने से मच्छर आदि की बढ़ोतरी हो रही है जो स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक है। गत महीनों ग्राम पंचायत आंबुआ में मासिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय भी लिया गया जा चुका है कि जहां भी नालियों की स्थिति खराब है वहां पर रिपेयर करवाने की आवश्यकता है। यह निर्णय लिया गया था मगर कई महीने बीतने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। ग्राम पंचायत आम्बुआ में इस कार्य हेतु पर्याप्त धनराशि भी मगर इस कार्य में विलंब क्यों हो रहा है, यह समझ से परे हैं।
अस्पताल की मशीने खा रही धूल-
जिले का ब्लॉक स्तरीय अस्पताल जो विभिन्न समस्याओं एवं स्टाफ की कमी के कारण काफी परेशानियों का ग्राम वासियों को मरीजों को करना पड़ रहा है। कहने को तो इसे ब्लॉक का दर्जा दिया हुआ है बगैर यहां की स्थिति बड़ी दयनीय है आंबुआ अस्पताल में दो दशक पहले एक्सरे मशीन लगाई गई थी काफी समय तक इस मशीन को चलाने के लिए ऑपरेटर नहीं मिला जिसके चलते इस मशीन के चालू उपकरण जिला अस्पताल एवं अन्य अस्पतालों में ले जाए गए और पड़े पड़े लाखों रुपए की एक्स-रे मशीन भंगार हो गई जिससे शासन प्रशासन का लाखों का नुकसान हुआ एवं मरीजों को उसका लाभ भी नहीं मिला। लगातार बिजलीं की कटौती के चलते शासन प्रशासन द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आंबुआ को एक बड़ा जनरेटर जिसकी लागत लाखों में है उपलब्ध करवाया गया मगर उसका उपयोग भी नहीं किया जाकर अस्पताल वार्ड के पीछे पटक रखा है धीरे धीरे पूरी मशीन में जंग लग चुका है। वही शासकीय भवनों की भी यही स्थिति है कुछ भी महीनों पहले क्षेत्र के तत्कालीन सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया के हाथों नवीन भवन का भूमिपूजन किया गया था एवं लोकार्पण विधायक माधोसिंह डावर के मार्गदर्शन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त सुरेश आर्य एवं अलीराजपुर विधायक नागर सिंह चौहान के हाथों करवाया गया था, तभी से डिलीवरी वार्ड जो पूर्व में भवन में चल रहा था जिसे नवीन भवन में सिस्ट कर दिया गया है और पुराने डिलीवरी वार्ड के एक कमरे मे स्टोर रुम के लिये उपयोग में लाया जा रहा है शेष कमरे देखरेख के अभाव में खंडार होने की कगार पर है, जो नवीन वार्ड बना है बारिश के दिनों में वार्डो में पानी भर जाना आम बात है, जिससे महिला जो डिलेवरी करवाने आती है पानी भर जाने के कारण बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है । वही नवीन वार्ड में पानी निकास हेतु नाली नहीं बनाए जाने से गंदा पानी अस्पताल परिषद में खुले में बहता रहता है जो स्वास्थ्य प्रति विपरीत असर डालने वाला है एक और शासन-प्रशासन स्वास्थ्य को लेकर नित नई योजनाएं बनाकर मरीजों को सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मगर ठेकेदारों द्वारा घटिया निर्माण की वजह से नवीन भवनों में पानी बहना आम बात है जो जांच का विषय है।
पुलिस चौकी की मांग-
आज से दो दशक पूर्व पुलिस थाना पुराने बस स्टैंड के समीप ग्राम पंचायत के पास था जिससे ग्राम में चल रही गतिविधियों पर पुलिस प्रशासन की लगातार नजर बनी रहती थी मगर शासन प्रशासन द्वारा विगत दो दशक पूर्व पुलिस थाने का निर्माण ग्राम से डेढ़ किलो मीटर दूर अलीराजपुर मार्ग पर बना दिया गया एवं यहां पर बने स्टेट समय भवन पूर्णरूपेण क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्राम की सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा समिति की मीटिंग में ग्राम वासियों द्वारा पुराने पुलिस थाने की जगह पर पुलिस चौकी खोलने की निरंतर मांग की जा रही है जिसके चलते कानूनी व्यवस्था बनी रहे। मगर विभाग ने जनता की मांगों को और शिकार करते हुए ठंडे बस्ते में डाल दी।
दुर्घटनाओं का मुख्य कारण-
आंबुआ जोबट विधानसभा के मध्य में होने के कारण यहां पर लगातार वाहनों का आना जाना लगा रहता है एवं अच्छी सडक़ें होने से वाहनों की गति हुई तेज होती है एवं संपूर्ण ग्राम में गति अवरोधक नहीं होने से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है हनुमान मंदिर चौराहा, जोबट तिराहा, न्यू बस स्टैंड पर गति अवरोधक नहीं होने से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। विभाग से ग्राम पंचायत आंबुआ एवं पुलिस विभाग आंबुआ द्वारा कई बार लिखित मांग करते हुए उक्त स्थानों पर गति अवरोधक बनाने की मांग लगातार की जा चुकी है। मगर आज दिनांक ट्रक इस ओर ध्यान न देना लगातार हो रही दुर्घटनाओं को बढ़ावा देना है यह एक बहुत ही बड़ा चिंता का विषय है। अगर समय रहते अभी भी गति अवरोधक नहीं बनाए जाते हैं तो दुर्घटनाएं निरंतर घटित होती रहेगी।

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