झाबुआ लाइव के लिए रामनगर से पन्नालाल पाटीदार की रिपोर्ट – प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी गल चूल मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान पिछले वर्षों में ली मन्नतों के पूर्ण होने पर महिलाएं धधकते हुए अंगारों से नंगे पैरों से गुजरी और मन्नते पूरी की। इस पूरे आयोजन को देखने के लिए आसपास कस्बों से भी श्रद्धालुओं की भीड़ बड़ी तादाद में पहुंची। प्रतिवर्ष ग्राम रामनगर में गल के आयोजन को लेकर ग्रमीणों में उत्साह बढ़ता जा रहा है इस वर्ष भी बड़ी तादाद में ग्रामीणों यहा पहुंचे। वही आदिवासी समाज के कई ग्रुप में ढोल-मांदल के साथ मेले में हिस्सा लेने पहुंचे। मांदल की थाप पर गल के चारो तरफ अपनी मदद आप के साथ नाचते हुए घुमे, कई महिला पुरुष बच्चे और बूढ़े भी आदिवासी लोकनृत्य करते दिखाई दिए जो गल मेले में पहुचे लोगो को आकर्षित करते रहे। Post navigation भूरिया लेंगे रिटायरमेंट ; क्या बीजेपी मे जायेंगे नागरसिंह ! ; दोलत भावसार ने यह क्या किया एलान ? आग की लपटों-धधकते अंगारों के बीच से मन्नतधारी निकतले आस्था और विश्वास के भरोसे