जितेंद्र वाणी, नानपुर आलीराजपुर जिले में नानपुर सहित आस पास के इलाको में इस वर्ष कमजोर मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगभग 20 दिन की देरी से आए मानसून ने शुरुआती दो बारिश के बाद रफ्तार खो दी है। इसका सबसे अधिक असर आदिवासी अंचल के किसानों पर देखने को मिल रहा है। जिन किसानों ने बुआई कर दी है, उनकी फसल अंकुरित नहीं हो रही है, जबकि बड़ी संख्या में किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। जिले में 1 जुलाई से वर्षा की शुरुआत हुई। कहीं 3 जुलाई तो कहीं 4 जुलाई को अच्छी बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर तेज बारिश से नदी-नालों में पानी बह निकला, लेकिन इसके बाद पिछले लगभग 15 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी खत्म होने लगी है। बाजारों में भी किसानों की आवाजाही कम होने से सन्नाटा पसरा हुआ है। आसमान में बादल और मौसम में नमी होने के बावजूद बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गत वर्ष की तुलना में आधी से भी कम बारिश कृषि कार्य पूरी तरह बारिश पर निर्भर होने के कारण इस बार असमान और कम वर्षा ने किसानों की उम्मीदों को झटका दिया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक आधी से भी कम बारिश हुई है, जिससे खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है। हजारों रुपये खर्च, फिर भी खेत खाली जिन किसानों ने शुरुआती बारिश के भरोसे मक्का, सोयाबीन और कपास की बुआई की थी, उनके खेतों में अब तक अंकुरण नहीं हुआ है। खाद और बीज पर हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद फसल नहीं उगने से किसानों को दोबारा बुआई की चिंता सता रही है। किसान पाताल सिंह ने बताया कि उन्होंने एक खेत में कपास और दूसरे में मक्का की बुआई की थी, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसल नहीं निकली। अब उन्हें निजी कुएं से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। अच्छी बारिश नहीं हुई तो बढ़ेगा संकट किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ फसलों को भारी नुकसान होगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर पड़ेगा। फिलहाल जिले भर के किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। विशेष तथ्य इस वर्ष अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा। अधिकांश खेतों में बुआई अधूरी। जहां बुआई हुई, वहां भी फसल का अंकुरण प्रभावित। खाद-बीज पर खर्च बढ़ा, दोबारा बुआई की चिंता। निजी कुओं से सिंचाई क रने को मजबूर किसान। Post navigation दो अलग-अलग हादसों में युवक और मासूम बालक की मौत