अलीराजपुर लाइव के लिए खट्टाली से विजय मालवी की रिपोर्ट- खट्टाली से जोबट (चमारबेगड़ा) मार्ग की स्थिति अब जर्जर हो चुकी है, और सबसे ज्यादा दुर्दशा तो जोबट से खट्टाली मार्ग की है जहां बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं इसके चलते दोपहिया व चार पहिया वाहनों को इस मार्ग से गुजरने में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, सडक़ का निर्माण प्रधाममंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत वर्ष 2010 में किया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ वर्षो बाद सडक़ की हालत जर्जर होने लगी। इस वर्ष हुई अच्छी बारिश के चलते मार्ग कुछ ही दिनों में उखड़ गया। नतीजा मार्ग से गुजरने वालों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरते है। इस मार्ग से गुजरना मुसाफिरों के लिए ऐसा हो चुका है जैसे ऊंट पर बैठकर सफर कर रहे हो। गौरतलब है कि अलीराजपुर जाने वाले यात्री भी इसी मार्ग से सफर करते है तथा इंदौर जाने वाले यात्री को भी इसी मार्ग से गुजर कर जोबट से इंदौर जाना होता है। हालात यह है कि 7 किमी के मार्ग का सफर करने में 30 मिनट का समय लग जाता है। भारी वाहनों के कारण सडक़ की हालत हुई जर्जर- सडक़ जर्जर व बड़े-बड़े गड्ढे होने का कारण इस मार्ग से भारी वाहनों के गुजरने से है। रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते है। ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ पर क्षमता से अधिक दबाव होने के कारण इसकी स्थिति खराब हुई है। पैचवर्क भी नहीं- प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत बारिश के बाद मार्गो के रख रखाव हेतु पैचवर्क का कार्य किया जाना चाहिए। सडक़ पर से डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सडक़ अब गड्ढों में ढूंढना पड़ रही है, जिसके के कारण कई यात्री हादसे का शिकार हो चुके है। लेकिन जिम्मेदार है कि इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। पांच वर्ष पूर्ण होने के बाद भी नहीं बन रहा- प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत खट्टाली से चमारबेगड़ा जोबट मार्ग जिसकी लंबाई 7.50 किमी है। इस मार्ग को बने पांच वर्ष से भी अधिक हो चुके है। मगर संबंधित विभाग अभी भी मौन बैठा हुआ है। इस मार्ग की न तो मरम्मत की जा रही है न ही पुन: बनाया जा रहा है। लगता है विभाग कोई बड़े हादसे के इंतजार में बैठा हुआ है। Post navigation संविदा उपयंत्री मनोज राय उपयंत्री, उपयंत्री आशीष तिवारी को शोकॉज नोटिस जारी स्व-चलित भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी को देख अभिभूत हुए विद्यार्थी