मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ सदी की एक बेहतरीन खगोलीय घटना के तहत आज सूर्य ग्रहण लगा इसके पूर्व सूतक काल लगते ही मंदिरों के पट बंद कर दिए गए जो कि दोपहर 4 बजे के लगभग खोले गए आज सूर्य को जितना ग्रहण ने प्रभावित किया उससे अधिक बादलों ने भी सूर्य को ढकें रखा। 21 जून को इस सदी का प्रथम तथा बड़ा सूर्य ग्रहण जो कि विभिन्न सयंगो के साथ वर्षों बाद लगा था लगभग 1962 के बाद इतने विशाल पैमाने पर सूर्य ग्रहण का दर्शन लाभ विभिन्न माध्यमों से लोगों ने किए लगभग 10:30 से 2 बजे तक सूर्य ग्रहण विभिन्न आकृतियों में दिखाई देता रहा। बीच-बीच में बादलों के झुंड भी सूर्य को दखते रहे रात्रि से सूतक काल लग जाने के कारण मंदिरों के पट बंद कर दिए गए थे जो कि दोपहर पश्चात 4 बजे बाद खोले गए कई घरों में दिन का भोजन भी दोपहर बाद ही बन सका ग्रहण के मोक्ष काल के बाद लोगों ने पवित्र नदियों के जल मिश्रित जल से स्नान किया तथा मंदिरों में दर्शन कर दान आदि भी किए। Post navigation अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया चाइना के राष्ट्रपति और चीनी समान का पुतला दहन कर किया विरोध पिता को मुखाग्नि देते ही चीख पड़ी बेटी, रोते हुए बोली- हैप्पी फादर्स-डे पापा; देखिये E’XCLUSIVE VIDEO