लोहित झामर, मेघनगर झाबुआ जिले के काकनवानी कस्बे से गुम हुए 52 वर्षीय चुन्नीलाल पांचाल सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। उनकी वापसी से परिवार ने राहत की सांस ली है। इस पूरे मामले में जीआरपी (GRP) थाना मेघनगर की टीम और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम रही। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया है। जीआरपी थाना मेघनगर की प्रभारी एसआई (SI) ममता अलावा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तत्परता से कार्य किया। इस प्रक्रिया में एएसआई सवे सिंह, हेड कॉन्स्टेबल राहुल हाड़ा और कॉन्स्टेबल अनूप नायक के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा। गुम इंसान क्रमांक 01/26 के तहत दर्ज प्रकरण में सूचनाकर्ता और चुन्नीलाल के बड़े भाई मांगीलाल पांचाल (75 वर्ष) उन्हें लेकर थाने पहुंचे। फोन खराब होने से टूटा था संपर्क, कई शहरों की यात्रा कर लौटे थाने में दिए गए अपने विस्तृत बयानों में चुन्नीलाल ने बताया कि वे 21 दिसंबर 2025 को वडोदरा से मेघनगर आए थे। इसके बाद वे बिना किसी को बताए धार्मिक यात्रा पर निकल गए। अपनी यात्रा का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि वे मेघनगर से बस द्वारा राजगढ़ (धार) गए और लॉज में रुके। वहां से बेटमा (इंदौर) जाकर दो दिन गुरुद्वारे और माताजी मंदिर में दर्शन किए। इसके पश्चात वे कोटेश्वर (नर्मदा) गए, जहां चल रही अखंड धुन में शामिल हुए और दो दिन बिताए। अंत में वे झाबुआ, रतलाम होते हुए त्रिपुरा सुंदरी (बांसवाड़ा, राजस्थान) पहुंचे। भाई को देख हुआ पछतावा, पुलिस ने किया सुपुर्द बांसवाड़ा से अपने गांव काकनवानी लौटने पर जब उनके बड़े भाई मांगीलाल ने बताया कि उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट जीआरपी मेघनगर में दर्ज है, तो उन्होंने बताया कि उनका फोन खराब हो जाने के कारण वे सूचना नहीं दे सके थे। इसके बाद दोनों भाई थाने पहुंचे। पुलिस ने दस्तयाब पंचनामा बनाने के बाद चुन्नीलाल को उनके बड़े भाई मांगीलाल के सुपुर्द किया। Post navigation ओवेश मेटल & मिनरल प्रॉसेसिंग लिमिटेड के बाहर मजदूरों ने दिया धरना मेघनगर एसडीएम अवनधती प्रधान ने संभाला पदभार