खरडू बड़ी। बुधवार शाम को कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने रामा ब्लॉक के ग्राम पंचायत खरडू बड़ी की वंजिया डूंगर पर बनी नवीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय भवन, पेयजल, पहुंच मार्ग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरडु बड़ी का नवीन भवन निर्माण पूर्ण कर जनजातीय कार्य विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है। आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय का संचालन पुराने भवन के स्थान पर नवीन भवन में प्रारंभ किया जाएगा। विद्यालय में वर्तमान में लगभग 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय तक पहुंच मार्ग की समस्या के संबंध में जानकारी दी गई कि वर्षा ऋतु के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर एसडीओ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा बताया गया कि लगभग 1.2 किलोमीटर पहुंच मार्ग निर्माण का प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है। विद्यालय परिसर में पेयजल उपलब्धता नहीं होने एवं पूर्व में कराए गए नलकूप में पानी नहीं आने की जानकारी पर कलेक्टर ने वैकल्पिक स्थान पर कुआं एवं नवीन बोर करवाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों एवं स्टाफ को पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सके। इस दौरान एसडीओ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विद्यालय परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रेषित किए जाने की जानकारी भी दी गई। कलेक्टर ने नवीन भवन के पास बने गोशाला का भी निरीक्षण कर वंजिया डूंगर पर माँ अम्बे माता मंदिर पर पहुँचकर माता रानी के दर्शन किये जिसके बाद मंदिर परिसर में बनी वाटिका का भी जायजा लिया गया। इस दौरान सहायक कलेक्टर सुश्री आयुषी बंसल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन,ग्राम पंचायत खरडू बड़ी के सरपंच रमेश डामोर, सचिव प्रकाश सोलंकी, पटवारी रेखा बिलवाल, रामा जनपद उपाध्यक्ष पति रमेश डामोर, छापरी सरपंच केमता डामोर, सचिव जितेंद्र टांक, कोटवार कालूसिंग डामोर, प्राचार्य नीलम माँगरिया, जनशिक्षक कन्हैया लाल बामनिया, दिनेश टांक एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। Post navigation चार दिवसीय भगवान विश्वकर्मा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन हुआ विद्युत मंडल और ठेकेदार की लापरवाही से अंधेरे में रहने को मजबूर हुए ग्रामीण, रात में फोन नहीं उठाते जेई