जितेन्द्र वाणी, नानपुर नानपुर में अभी कोरोना महामारी वायरस के 5वें लॉकडाउन शुरू होते ही 4 दिनों में ग्रामीणों को पूरी छुट मिल गई है। दुकानदार पैसे कमाने के चक्कर मे नगर के सारे ढाबे,होटले, चाय-नाश्ते की दुकानों के साथ ही पान की दुकाने भी खुलेआम संचालित की जा रही है। इसी के साथी खुला पेट्रोल भी धड़कले से बेच रहे है। वहीं लोग बगैर मास्क के बाजारों में घूम रहे तथा दुकानों से खरीदी भी कर रहे हैं। कलेक्टर के आदेश के बाद भी दुकानदार शाम 5 बजे दुकानें बंद नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की भीड़ देर शाम तक बनी रहती है। इसी के साथ सबसे ज्यादा तो अवैध रेत के डम्परो से रेती का सप्लाई होना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है जब कि जिले में कलेक्टर का सख्त आदेश होने के बाद भी डर नही है। ब्रायलर व मिनार मुर्गों की बिक्री भी दोगुने दामों में की जा रही है। जबकि जिम्मेदारों को इस बात से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसा लगता है कि प्रशासन के नुमाइंदों ने लॉकडाउन में काफी ड्यूटी कर ली है। इस संबंध में सरपंच सावन सिंह मारू मुझे आज मालूम पड़ा है कि ग्राम में अंडे व सफेद मुर्गे बेच रहे है प्रसाशन को अवगत करा रहा हु इनके पास आदेश है कि नही पूछता हूं मैं। भी देखा है कई ग्रामीणों को ले जाते हुए बॉयलर मुर्गे नगर में भारी भीड़ भी हो रही है लोग समझाइश देने के बाद भी नही सुन रहे है। Post navigation अभाविप के जिला संगठन मंत्री डुडवे ने सुदूर ग्रामों में बिजली-सड़क सुविधाएं ग्रामीणों को प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री को लिखा पत्र नर्मदा नदी डूब प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों की मदद के लिए दीदी सेवा एम्बुलेंस की हुई शुरूआत